Mobile से ब्याज कैसे निकालें: ब्याज कैलकुलेटर टूल
मोबाइल ब्याज कैलकुलेटर: साधारण, चक्रवृद्धि, सैकड़ा और दिन
रकम, दर और समय भरिए। ब्याज, कुल रकम और फोन के कैलकुलेटर में दबाने वाले बटन, तीनों तुरंत मिलेंगे।
अपने फोन के कैलकुलेटर में ऐसे दबाइए
साल-दर-साल ब्याज
ब्याज निकालने के लिए अब किसी बैंक कर्मचारी या कागज-कलम की जरूरत नहीं है। आपके फोन में रखा कैलकुलेटर तीन बटन में साधारण ब्याज निकाल देता है, और ऊपर का टूल सैकड़ा, दिन और चक्रवृद्धि का हिसाब भी कर देता है। यह लेख बताता है कि कौन-सा तरीका कब इस्तेमाल करें और कहां गलती होती है।
Mobile से ब्याज कैसे निकालें: 3 तरीके
- फोन का कैलकुलेटर: मूलधन × दर ÷ 100 × साल = ब्याज (साधारण)।
- ऊपर वाला ब्याज टूल: रकम, दर, समय भरें। चक्रवृद्धि, सैकड़ा और दिन भी अपने आप।
- Google Sheets ऐप: एक बार सूत्र लिखें, फिर रकम बदलते रहें।
पहले ये तीन चीजें और एक सूत्र
साधारण ब्याज का सूत्र: SI = P × R × T ÷ 100
मूलधन वह रकम है जो उधार दी या ली गई। दर वह प्रतिशत है जो मूलधन पर ब्याज बनता है। समय वह अवधि है जिसके लिए रकम रखी गई। कुल रकम = मूलधन + ब्याज।
तरीका 1: फोन के कैलकुलेटर से साधारण ब्याज
उदाहरण: ₹50,000 पर 12% सालाना की दर से 2 साल का ब्याज। फोन का सामान्य कैलकुलेटर खोलिए और ये तीन चरण दोहराइए।
₹50,000 पर 12% सालाना, 2 साल: ब्याज ₹12,000, कुल वापसी ₹62,000
कुंजी क्रम (कीप्रेस)
तरीका 2: चक्रवृद्धि ब्याज फोन पर
चक्रवृद्धि में ब्याज पर भी ब्याज लगता है। बैंक की FD और ज्यादातर निवेश में यही चलता है। हर अवधि के बाद रकम को (1 + दर ÷ 100) से गुणा करते हैं।
₹50,000, 12% सालाना, 2 साल (सालाना चक्रवृद्धि)
साधारण ब्याज में यही रकम ₹12,000 आती थी। 2 साल में फर्क सिर्फ ₹720 है, पर समय बढ़ने पर फर्क बहुत तेजी से बढ़ता है। जिस ब्याज में महीने-महीने जुड़ता है, उसमें दर को 12 से बांटिए और अवधियां गिनिए। ₹1,00,000 पर 12% सालाना, मासिक चक्रवृद्धि, 3 साल: गुणक 1.01 है और अवधियां 36। कुल रकम ₹1,43,077 और ब्याज ₹43,077 आता है। साधारण ब्याज में यह ₹36,000 होता।
सैकड़ा, महीने और दिन का ब्याज
गांव और कस्बे के लेन-देन में दर "रुपये सैकड़ा" में बोली जाती है, यानी हर 100 रुपये पर हर महीने कितना ब्याज। इसे सालाना प्रतिशत में बदलने के लिए 12 से गुणा करें।
| रुपये सैकड़ा (महीना) | सालाना दर | ₹10,000 पर महीने का ब्याज |
|---|---|---|
| 1 | 12% | ₹100 |
| 1.5 | 18% | ₹150 |
| 2 | 24% | ₹200 |
| 3 | 36% | ₹300 |
| 5 | 60% | ₹500 |
₹30,000, 2 रुपये सैकड़ा, 8 महीने
दिनों का ब्याज
सालाना दर पर दिनों का हिसाब हो तो आम तौर पर साल को 365 दिन गिनते हैं (कुछ संस्थाएं 360)। सैकड़ा दर पर आम चलन है कि एक महीना 30 दिन माना जाता है। सौदे में लिखवा लें कि कौन-सा नियम लागू होगा।
₹25,000, 18% सालाना, 90 दिन
तरीका 3: Google Sheets या Excel ऐप में सूत्र
अगर आप बार-बार अलग रकम और दरों का हिसाब करते हैं, तो फोन के Google Sheets या Excel ऐप में एक बार सूत्र लिख लें। मान लीजिए B1 में मूलधन, B2 में सालाना दर (जैसे 12) और B3 में साल हैं।
FV वाले सूत्र में मूलधन के आगे ऋण का चिह्न इसलिए है कि Sheets उसे नकद बाहर जाने वाली रकम मानता है। अगर परिणाम ऋणात्मक आए, तो चिह्न देख लें। सैकड़ा दर के लिए B2 में सैकड़ा × 12 डालें।
साधारण बनाम चक्रवृद्धि: समय का असर
₹1,00,000 पर 10% सालाना: पहले साल दोनों बराबर, 10वें साल तक ₹59,374 का फर्क
| अवधि | साधारण ब्याज | चक्रवृद्धि ब्याज | फर्क | चक्रवृद्धि कुल रकम |
|---|---|---|---|---|
| 1 साल | ₹10,000 | ₹10,000 | ₹0 | ₹1,10,000 |
| 3 साल | ₹30,000 | ₹33,100 | ₹3,100 | ₹1,33,100 |
| 5 साल | ₹50,000 | ₹61,051 | ₹11,051 | ₹1,61,051 |
| 10 साल | ₹1,00,000 | ₹1,59,374 | ₹59,374 | ₹2,59,374 |
निष्कर्ष सीधा है। निवेश करते समय लंबी अवधि और चक्रवृद्धि आपके पक्ष में काम करती है। कर्ज लेते समय वही चक्रवृद्धि आपके खिलाफ काम करती है। इसलिए कर्ज का समझौता साइन करने से पहले पूछिए कि ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि, और कितनी बार जुड़ता है।
ब्याज निकालते समय की 6 आम गलतियां
1. दर को 12 की जगह 0.12 की तरह डालना
सूत्र में "÷ 100" पहले से है, इसलिए दर 12 ही डालें। अगर 0.12 डाल दिया तो ब्याज 100 गुना छोटा आएगा।
2. महीनों को सीधे साल की जगह लगा देना
8 महीने को 8 न रखें। सालाना दर पर 8 ÷ 12 = 0.667 साल लें। या फिर दर भी महीने वाली (सैकड़ा) रखें।
3. सैकड़ा को सालाना प्रतिशत समझ लेना
"2 रुपये सैकड़ा" का मतलब 2% महीना है, यानी 24% सालाना। इसे 2% सालाना मान लेने पर ब्याज 12 गुना कम आंका जाएगा।
4. पहले महीने का ब्याज कटकर रकम देना
₹1,00,000 पर 2% के हिसाब से ₹2,000 काटकर ₹98,000 दिए जाएं, तो ब्याज फिर भी ₹1,00,000 पर चलता है। असली दर 2 ÷ 98 = 2.04% महीना बैठती है, यानी घोषित दर से ज्यादा।
5. चक्रवृद्धि की बारंबारता भूल जाना
12% सालाना की दर मासिक जुड़ने पर असली दर 12.68% हो जाती है। FD जैसे उत्पादों में आम तौर पर तिमाही चक्रवृद्धि मानी जाती है, इसलिए अपनी योजना की शर्तें देखें।
6. EMI और ब्याज को एक समझ लेना
कर्ज की EMI घटते मूलधन पर बनती है और हर किस्त में मूलधन भी चुकता होता है। इस लेख का टूल सिर्फ साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज बताता है, EMI नहीं। EMI के लिए बैंक का या अलग EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
आम सवाल
Mobile से साधारण ब्याज कैसे निकालें?
फोन के कैलकुलेटर में मूलधन × दर ÷ 100 × साल दबाइए और = दबाइए। उदाहरण: 50000 × 12 ÷ 100 × 2 = ₹12,000।
Mobile से चक्रवृद्धि ब्याज कैसे निकालें?
मूलधन को (1 + दर ÷ 100) से हर अवधि के लिए गुणा कीजिए। 50000 × 1.12 × 1.12 = 62,720। इसमें से मूलधन घटाने पर चक्रवृद्धि ब्याज ₹12,720 मिलता है।
₹1,00,000 पर 12% सालाना का 1 साल का ब्याज कितना होगा?
100000 × 12 ÷ 100 = ₹12,000। एक साल में साधारण और सालाना चक्रवृद्धि का ब्याज बराबर होता है।
रुपये सैकड़ा से ब्याज कैसे निकालें?
मूलधन × सैकड़ा ÷ 100 × महीने। ₹30,000 पर 2 सैकड़ा, 8 महीने: 30000 × 2 ÷ 100 × 8 = ₹4,800।
दिनों का ब्याज कैसे निकालें?
सालाना दर पर: मूलधन × दर ÷ 100 × दिन ÷ 365। सैकड़ा दर पर आम तौर पर: मूलधन × सैकड़ा ÷ 100 × दिन ÷ 30।
Google Sheets में ब्याज का सूत्र क्या है?
साधारण ब्याज के लिए =B1*B2*B3/100 और सालाना चक्रवृद्धि के लिए =B1*(1+B2/100)^B3-B1, जहां B1 मूलधन, B2 दर और B3 साल हैं।
आशिक पठान संस्थापक
नमस्ते! मैं आशिक पठान हूँ, कोटा राजस्थान से। 10+ साल का ब्लॉगिंग अनुभव। इस वेबसाइट का मकसद आसान हिंदी में सेकड़ा ब्याज और लोन कैलकुलेटर उपलब्ध कराना है।
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