सेकड़ा ब्याज

₹20,000 पर 2 रुपये सेकड़ा का ब्याज कितना होगा? 1 से 12 महीने का पूरा हिसाब (2026)

सितंबर 24, 2026 • Ariz ...

₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज — 1 से 12 महीने की बही

रकम और दर बदलकर अपना हिसाब देखिए। किसी भी महीने की पंक्ति दबाइए, उसकी पूरी रसीद नीचे खुल जाएगी।

सीधा जवाब: ₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज महीने का ₹400 और 12 महीने का ₹4,800 है (साधारण ब्याज)।
ब्याज का तरीका
अवधिब्याज की बढ़तब्याज

चुने हुए महीने की रसीद

मूलधन
कुल वापसी
महीने का ब्याज
रोज का ब्याज (लगभग)
सालाना दर

गांव और कस्बे में उधार की दर आज भी "सैकड़ा" में बोली जाती है। "₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा" का मतलब है कि हर 100 रुपये पर हर महीने 2 रुपये ब्याज लगेगा। इस पेज पर इसी एक सौदे का 1 से 12 महीने तक पूरा हिसाब है।

₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज कितना होगा?

साधारण ब्याज पर
₹400 महीना · ₹4,800 साल
12 महीने बाद कुल वापसी ₹24,800। रोज का ब्याज लगभग ₹13.33। यह 24% सालाना दर है।
सूत्रब्याज = मूलधन × दर ÷ 100 × महीने
20,000 × 2 ÷ 100= ₹400 हर महीने का ब्याज।
2 × 12 = 24%सैकड़ा को 12 से गुणा करने पर सालाना प्रतिशत।

1 से 12 महीने की पूरी तालिका

बाईं तरफ साधारण ब्याज है, जिसमें ब्याज हर महीने उतना ही रहता है। दाईं तरफ चक्रवृद्धि है, जिसमें ब्याज पर भी ब्याज लगता है।

महीनेसाधारण ब्याजसाधारण कुलचक्रवृद्धि ब्याजचक्रवृद्धि कुल
1₹400₹20,400₹400₹20,400
2₹800₹20,800₹808₹20,808
3₹1,200₹21,200₹1,224₹21,224
4₹1,600₹21,600₹1,649₹21,649
5₹2,000₹22,000₹2,082₹22,082
6₹2,400₹22,400₹2,523₹22,523
7₹2,800₹22,800₹2,974₹22,974
8₹3,200₹23,200₹3,433₹23,433
9₹3,600₹23,600₹3,902₹23,902
10₹4,000₹24,000₹4,380₹24,380
11₹4,400₹24,400₹4,867₹24,867
12₹4,800₹24,800₹5,365₹25,365

12 महीने में दोनों तरीकों के बीच ₹565 का फर्क बनता है। इसलिए सौदे से पहले लिखवा लें कि ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि।

चार्ट: ब्याज किस तरह बढ़ता है

₹2,000₹4,000₹6,000 साधारण ₹4,800चक्रवृद्धि ₹5,365 036912

सीधी रेखा = साधारण ब्याज, बिंदु वाली रेखा = चक्रवृद्धि। नीचे की संख्या महीने हैं।

दिनों के हिसाब से ब्याज

अगर रकम 12 महीने से कम या बीच के दिनों के लिए ली गई है, तो एक महीना 30 दिन मानकर हिसाब होता है। ₹20,000 पर 2 सैकड़ा का रोज का ब्याज 400 ÷ 30 = ₹13.33 है।

दिनब्याजकुल वापसी
10₹133₹20,133
15₹200₹20,200
30₹400₹20,400
45₹600₹20,600
60₹800₹20,800
90₹1,200₹21,200
100₹1,333₹21,333
180₹2,400₹22,400
365₹4,867₹24,867

ध्यान दें कि 365 दिन का ब्याज (₹4,867) 12 महीने के ब्याज (₹4,800) से थोड़ा ज्यादा आता है, क्योंकि 12 महीने में 360 दिन गिने जाते हैं। इसलिए सौदे में लिख लें कि गिनती महीनों में होगी या दिनों में।

₹20,000 पर दूसरी दरों से तुलना

अपनी दर को आसपास की दरों के बीच रखकर देखें। सारे आंकड़े साधारण ब्याज के हैं।

दर (सैकड़ा)सालाना1 महीना6 महीने12 महीने
112%₹200₹1,200₹2,400
1.518%₹300₹1,800₹3,600
224%₹400₹2,400₹4,800
2.530%₹500₹3,000₹6,000
336%₹600₹3,600₹7,200
448%₹800₹4,800₹9,600
560%₹1,000₹6,000₹12,000

रकम ₹20,000 से अलग हो तो ऊपर के टूल में सीधे अपनी रकम डाल दें। या आंकड़े को रकम ÷ 20,000 से गुणा करें। ₹40,000 के लिए 2 से गुणा करें।

चार सीधे उदाहरण

₹20,000, 2 सैकड़ा, 7 महीने

महीने का ब्याज20,000 × 2 ÷ 100 = ₹400
7 महीने का ब्याज400 × 7 = ₹2,800
कुल लौटाना₹22,800

₹20,000, 2 सैकड़ा, 45 दिन

रोज का ब्याज400 ÷ 30 = ₹13.33
45 दिन13.33 × 45
ब्याज₹600

6 महीने बाद ₹8,000 लौटाए

पहले 6 महीने400 × 6 = ₹2,400
बचा मूलधन20,000 − 8,000 = ₹12,000
अगले 6 महीने240 × 6 = ₹1,440
साल भर का कुल ब्याज₹3,840

महीने का ₹500 ब्याज, दर क्या?

सूत्रब्याज × 100 ÷ मूलधन
हिसाब500 × 100 ÷ 20,000
दर2.5 सैकड़ा (30% सालाना)

उधार देने-लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

नकद लेन-देन की सीमा

आयकर की धारा 269SS के तहत ₹20,000 या उससे ज्यादा का कर्ज नकद लेना मना है, और धारा 269T में उसे नकद लौटाना भी। यानी ठीक ₹20,000 का सौदा भी बैंक ट्रांसफर या अकाउंट पेयी चेक से करना चाहिए। यह नियम पुराने बकाया को जोड़कर भी लग सकता है।

पहले महीने का ब्याज काटकर रकम तो नहीं दी जा रही?

अगर ₹400 काटकर ₹19,600 हाथ में दिए जाएं, तो ब्याज फिर भी ₹20,000 पर चलता है। तब असली दर 2 नहीं, करीब 2.04 सैकड़ा (24.5% सालाना) बैठती है।

ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि?

यह शुरू में ही तय और लिखित हो। 12 महीने में इसका फर्क ₹565 का है, और अवधि बढ़ने पर फर्क तेजी से बढ़ता है।

आंशिक भुगतान पर ब्याज कैसे घटेगा?

ब्याज बचे हुए मूलधन पर लगना चाहिए। हर भुगतान की तारीख और रकम रसीद पर लिखवाएं।

राज्य का साहूकारी नियम

लाइसेंस और ब्याज दर की सीमा राज्य के हिसाब से अलग है। 24% सालाना दर कई जगह नियम की सीमा के पास या उससे ऊपर हो सकती है, इसलिए सौदे से पहले अपने राज्य का नियम जांचें।

एक आसान कसौटी: सैकड़ा में दर छोटी लगे तो उसे 12 से गुणा करके देखें। 2 सैकड़ा सुनने में कम लगता है, पर असल में 24% सालाना है।

आम सवाल

₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज कितना होता है?

महीने का ₹400 और साल का ₹4,800। 12 महीने बाद मूलधन मिलाकर ₹24,800 लौटाने होंगे।

सैकड़ा और सेकड़ा में कोई फर्क है?

नहीं, दोनों एक ही चीज हैं। मतलब वही है: 100 रुपये पर हर महीने का ब्याज।

₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का 6 महीने का ब्याज कितना है?

400 × 6 = ₹2,400। कुल वापसी ₹22,400।

2 रुपये सैकड़ा सालाना कितने प्रतिशत है?

2 × 12 = 24% सालाना (साधारण ब्याज)। चक्रवृद्धि में महीने-दर-महीने जुड़ने पर असली सालाना दर करीब 26.82% बैठती है।

₹20,000 पर रोज का ब्याज कितना बनता है?

2 सैकड़ा पर लगभग ₹13.33 रोज, यानी 400 ÷ 30।

हर महीने सिर्फ ब्याज देने से मूलधन घटता है?

नहीं। ब्याज चुकाने से मूलधन उतना ही रहता है, इसलिए ब्याज तब तक बनता रहता है जब तक मूलधन वापस न हो।

3.5 या 4.5 जैसी दशमलव दर पर क्या करें?

वही सूत्र लगता है। ₹20,000 पर 2.5 सैकड़ा का महीने का ब्याज 20,000 × 2.5 ÷ 100 = ₹500।

यह लेख सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। बड़ी रकम या विवाद में CA या वकील से सलाह लें, क्योंकि नियम बदल सकते हैं।
आशिक पठान

आशिक पठान संस्थापक

नमस्ते! मैं आशिक पठान हूँ, कोटा राजस्थान से। 10+ साल का ब्लॉगिंग अनुभव। इस वेबसाइट का मकसद आसान हिंदी में सेकड़ा ब्याज और लोन कैलकुलेटर उपलब्ध कराना है।

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