₹20,000 पर 2 रुपये सेकड़ा का ब्याज कितना होगा? 1 से 12 महीने का पूरा हिसाब (2026)
₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज — 1 से 12 महीने की बही
रकम और दर बदलकर अपना हिसाब देखिए। किसी भी महीने की पंक्ति दबाइए, उसकी पूरी रसीद नीचे खुल जाएगी।
चुने हुए महीने की रसीद
गांव और कस्बे में उधार की दर आज भी "सैकड़ा" में बोली जाती है। "₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा" का मतलब है कि हर 100 रुपये पर हर महीने 2 रुपये ब्याज लगेगा। इस पेज पर इसी एक सौदे का 1 से 12 महीने तक पूरा हिसाब है।
₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज कितना होगा?
1 से 12 महीने की पूरी तालिका
बाईं तरफ साधारण ब्याज है, जिसमें ब्याज हर महीने उतना ही रहता है। दाईं तरफ चक्रवृद्धि है, जिसमें ब्याज पर भी ब्याज लगता है।
| महीने | साधारण ब्याज | साधारण कुल | चक्रवृद्धि ब्याज | चक्रवृद्धि कुल |
|---|---|---|---|---|
| 1 | ₹400 | ₹20,400 | ₹400 | ₹20,400 |
| 2 | ₹800 | ₹20,800 | ₹808 | ₹20,808 |
| 3 | ₹1,200 | ₹21,200 | ₹1,224 | ₹21,224 |
| 4 | ₹1,600 | ₹21,600 | ₹1,649 | ₹21,649 |
| 5 | ₹2,000 | ₹22,000 | ₹2,082 | ₹22,082 |
| 6 | ₹2,400 | ₹22,400 | ₹2,523 | ₹22,523 |
| 7 | ₹2,800 | ₹22,800 | ₹2,974 | ₹22,974 |
| 8 | ₹3,200 | ₹23,200 | ₹3,433 | ₹23,433 |
| 9 | ₹3,600 | ₹23,600 | ₹3,902 | ₹23,902 |
| 10 | ₹4,000 | ₹24,000 | ₹4,380 | ₹24,380 |
| 11 | ₹4,400 | ₹24,400 | ₹4,867 | ₹24,867 |
| 12 | ₹4,800 | ₹24,800 | ₹5,365 | ₹25,365 |
12 महीने में दोनों तरीकों के बीच ₹565 का फर्क बनता है। इसलिए सौदे से पहले लिखवा लें कि ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि।
चार्ट: ब्याज किस तरह बढ़ता है
सीधी रेखा = साधारण ब्याज, बिंदु वाली रेखा = चक्रवृद्धि। नीचे की संख्या महीने हैं।
दिनों के हिसाब से ब्याज
अगर रकम 12 महीने से कम या बीच के दिनों के लिए ली गई है, तो एक महीना 30 दिन मानकर हिसाब होता है। ₹20,000 पर 2 सैकड़ा का रोज का ब्याज 400 ÷ 30 = ₹13.33 है।
| दिन | ब्याज | कुल वापसी |
|---|---|---|
| 10 | ₹133 | ₹20,133 |
| 15 | ₹200 | ₹20,200 |
| 30 | ₹400 | ₹20,400 |
| 45 | ₹600 | ₹20,600 |
| 60 | ₹800 | ₹20,800 |
| 90 | ₹1,200 | ₹21,200 |
| 100 | ₹1,333 | ₹21,333 |
| 180 | ₹2,400 | ₹22,400 |
| 365 | ₹4,867 | ₹24,867 |
ध्यान दें कि 365 दिन का ब्याज (₹4,867) 12 महीने के ब्याज (₹4,800) से थोड़ा ज्यादा आता है, क्योंकि 12 महीने में 360 दिन गिने जाते हैं। इसलिए सौदे में लिख लें कि गिनती महीनों में होगी या दिनों में।
₹20,000 पर दूसरी दरों से तुलना
अपनी दर को आसपास की दरों के बीच रखकर देखें। सारे आंकड़े साधारण ब्याज के हैं।
| दर (सैकड़ा) | सालाना | 1 महीना | 6 महीने | 12 महीने |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 12% | ₹200 | ₹1,200 | ₹2,400 |
| 1.5 | 18% | ₹300 | ₹1,800 | ₹3,600 |
| 2 | 24% | ₹400 | ₹2,400 | ₹4,800 |
| 2.5 | 30% | ₹500 | ₹3,000 | ₹6,000 |
| 3 | 36% | ₹600 | ₹3,600 | ₹7,200 |
| 4 | 48% | ₹800 | ₹4,800 | ₹9,600 |
| 5 | 60% | ₹1,000 | ₹6,000 | ₹12,000 |
रकम ₹20,000 से अलग हो तो ऊपर के टूल में सीधे अपनी रकम डाल दें। या आंकड़े को रकम ÷ 20,000 से गुणा करें। ₹40,000 के लिए 2 से गुणा करें।
चार सीधे उदाहरण
₹20,000, 2 सैकड़ा, 7 महीने
₹20,000, 2 सैकड़ा, 45 दिन
6 महीने बाद ₹8,000 लौटाए
महीने का ₹500 ब्याज, दर क्या?
उधार देने-लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
नकद लेन-देन की सीमा
आयकर की धारा 269SS के तहत ₹20,000 या उससे ज्यादा का कर्ज नकद लेना मना है, और धारा 269T में उसे नकद लौटाना भी। यानी ठीक ₹20,000 का सौदा भी बैंक ट्रांसफर या अकाउंट पेयी चेक से करना चाहिए। यह नियम पुराने बकाया को जोड़कर भी लग सकता है।
पहले महीने का ब्याज काटकर रकम तो नहीं दी जा रही?
अगर ₹400 काटकर ₹19,600 हाथ में दिए जाएं, तो ब्याज फिर भी ₹20,000 पर चलता है। तब असली दर 2 नहीं, करीब 2.04 सैकड़ा (24.5% सालाना) बैठती है।
ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि?
यह शुरू में ही तय और लिखित हो। 12 महीने में इसका फर्क ₹565 का है, और अवधि बढ़ने पर फर्क तेजी से बढ़ता है।
आंशिक भुगतान पर ब्याज कैसे घटेगा?
ब्याज बचे हुए मूलधन पर लगना चाहिए। हर भुगतान की तारीख और रकम रसीद पर लिखवाएं।
राज्य का साहूकारी नियम
लाइसेंस और ब्याज दर की सीमा राज्य के हिसाब से अलग है। 24% सालाना दर कई जगह नियम की सीमा के पास या उससे ऊपर हो सकती है, इसलिए सौदे से पहले अपने राज्य का नियम जांचें।
आम सवाल
₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज कितना होता है?
महीने का ₹400 और साल का ₹4,800। 12 महीने बाद मूलधन मिलाकर ₹24,800 लौटाने होंगे।
सैकड़ा और सेकड़ा में कोई फर्क है?
नहीं, दोनों एक ही चीज हैं। मतलब वही है: 100 रुपये पर हर महीने का ब्याज।
₹20,000 पर 2 रुपये सैकड़ा का 6 महीने का ब्याज कितना है?
400 × 6 = ₹2,400। कुल वापसी ₹22,400।
2 रुपये सैकड़ा सालाना कितने प्रतिशत है?
2 × 12 = 24% सालाना (साधारण ब्याज)। चक्रवृद्धि में महीने-दर-महीने जुड़ने पर असली सालाना दर करीब 26.82% बैठती है।
₹20,000 पर रोज का ब्याज कितना बनता है?
2 सैकड़ा पर लगभग ₹13.33 रोज, यानी 400 ÷ 30।
हर महीने सिर्फ ब्याज देने से मूलधन घटता है?
नहीं। ब्याज चुकाने से मूलधन उतना ही रहता है, इसलिए ब्याज तब तक बनता रहता है जब तक मूलधन वापस न हो।
3.5 या 4.5 जैसी दशमलव दर पर क्या करें?
वही सूत्र लगता है। ₹20,000 पर 2.5 सैकड़ा का महीने का ब्याज 20,000 × 2.5 ÷ 100 = ₹500।
आशिक पठान संस्थापक
नमस्ते! मैं आशिक पठान हूँ, कोटा राजस्थान से। 10+ साल का ब्लॉगिंग अनुभव। इस वेबसाइट का मकसद आसान हिंदी में सेकड़ा ब्याज और लोन कैलकुलेटर उपलब्ध कराना है।
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