GST कैलकुलेटर 2026 - GST 2.0 नए स्लैब के साथ जोड़ें/निकालें
मूल राशि (बिना GST)
GST दरों की पूरी जानकारी (GST 2.0)
नया ढांचा: सितंबर 2025 में 56वीं GST काउंसिल बैठक में हुए GST 2.0 सुधार के बाद, पुराने 5 स्लैब (0%, 5%, 12%, 18%, 28%) घटाकर मुख्य रूप से 2 स्लैब — 5% और 18% — कर दिए गए हैं।
40% स्लैब: सिर्फ़ luxury और sin goods (तंबाकू, पान मसाला, महंगी गाड़ियां, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स आदि) पर लागू होता है।
Niche दरें: सोना, हीरे और कीमती पत्थरों पर 0.25%/3% जैसी विशेष दरें अभी भी जारी हैं।
CGST + SGST बनाम IGST:
- एक ही राज्य के अंदर लेन-देन (Intra-state) — GST का आधा हिस्सा CGST (केंद्र) और आधा SGST (राज्य) में बंटता है
- अलग-अलग राज्यों के बीच लेन-देन (Inter-state) — पूरा GST IGST के रूप में लगता है
GST निकालना: मूल राशि = कुल राशि ÷ (1 + दर/100)
यह जानकारी आम समझ के लिए है, आधिकारिक टैक्स सलाह नहीं। GST दरें समय-समय पर बदलती हैं — बिल बनाने या फ़ाइलिंग से पहले नवीनतम अधिसूचना cbic.gov.in या अपने CA से ज़रूर पुष्टि करें।
स्रोत: 56वीं GST काउंसिल बैठक (सितंबर 2025), CBIC — अगस्त 2026 तक अपडेटेड
अगर लेन-देन दूसरे राज्य से है, तो पूरा GST (Rs. 0) IGST के रूप में एक साथ लगेगा, CGST/SGST में नहीं बंटेगा।
GST कैलकुलेटर दो तरह से काम करता है — किसी भी मूल राशि पर GST जोड़कर कुल बिल राशि निकालना, या किसी GST-सहित राशि में से मूल राशि और GST हिस्सा अलग-अलग निकालना। यह टूल सितंबर 2025 में लागू हुए GST 2.0 सुधार के नए स्लैब (5%, 18%, 40%) के साथ अपडेटेड है।
GST 2.0 में क्या बदला
सितंबर 2025 में 56वीं GST काउंसिल बैठक में एक बड़ा सुधार हुआ — पुराने 5 स्लैब (0%, 5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर मुख्य रूप से सिर्फ़ 2 स्लैब — 5% और 18% — कर दिया गया। ज़्यादातर सामान जो पहले 12% में थे, अब 5% या 18% में आ गए हैं, और 28% वाला सामान अब ज़्यादातर 18% में आता है। तंबाकू, पान मसाला और luxury गाड़ियों जैसी चीज़ों के लिए एक नया 40% स्लैब बनाया गया है।
टूल का इस्तेमाल कैसे करें
- "GST जोड़ें" — जब आपके पास मूल कीमत (बिना टैक्स) हो और यह जानना हो कि ग्राहक से कुल कितना लेना है।
- "GST निकालें" — जब आपके पास कोई इनवॉइस/बिल की कुल राशि हो (GST सहित) और यह जानना हो कि उसमें असली कीमत कितनी थी और टैक्स कितना कटा।
CGST, SGST और IGST में फ़र्क़
अगर लेन-देन एक ही राज्य के अंदर हो रहा है, तो GST दो बराबर हिस्सों में बंटता है — आधा CGST (केंद्र सरकार को) और आधा SGST (राज्य सरकार को)। लेकिन अगर लेन-देन दो अलग-अलग राज्यों के बीच हो रहा है, तो पूरा GST एक ही हिस्से — IGST — के रूप में लगता है। यह टूल दोनों संभावनाओं को साफ़ दिखाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अभी GST की मुख्य दरें कौन-सी हैं?
सितंबर 2025 के GST 2.0 सुधार के बाद मुख्य रूप से 5% और 18% — साथ में luxury/sin goods के लिए 40%, और सोना-हीरे जैसी चीज़ों के लिए 0.25%/3% जैसी niche दरें।
क्या 12% और 28% वाला GST स्लैब अभी भी है?
नहीं, GST 2.0 सुधार में इन दोनों स्लैब को हटा दिया गया — 12% वाला सामान 5% या 18% में, और 28% वाला ज़्यादातर 18% में चला गया।
GST निकालने का फ़ॉर्मूला क्या है?
मूल राशि = कुल राशि ÷ (1 + GST दर/100)। जैसे ₹1,180 (18% GST सहित) में से मूल राशि = 1180 ÷ 1.18 = ₹1,000।
CGST और SGST अलग-अलग क्यों दिखते हैं?
एक ही राज्य के अंदर के लेन-देन पर GST आधा-आधा केंद्र (CGST) और राज्य (SGST) सरकार में बंटता है। दूसरे राज्य के साथ लेन-देन पर पूरा GST IGST के रूप में एक साथ लगता है।
यह जानकारी आम समझ के लिए है, आधिकारिक टैक्स सलाह नहीं। GST दरें समय-समय पर बदलती हैं — बिल बनाने या फ़ाइलिंग से पहले नवीनतम अधिसूचना cbic.gov.in या अपने CA से ज़रूर पुष्टि करें। स्रोत: 56वीं GST काउंसिल बैठक (सितंबर 2025), CBIC — अगस्त 2026 तक अपडेटेड।