सेकड़ा ब्याज

Byaj Kaise Nikale Calculator – Simple & Compound Interest

सितंबर 30, 2026 • Ariz ...

ब्याज कैसे निकाले कैलकुलेटर: साधारण और चक्रवृद्धि

रकम, दर और समय भरिए। ब्याज, कुल रकम और फोन में दबाने वाला हिसाब तुरंत मिलेगा।

कुल ब्याज
मूलधन ब्याज
कुल रकम (मिश्रधन)
महीने का औसत ब्याज
रोज का औसत ब्याज (लगभग)
सालाना दर

साधारण और चक्रवृद्धि की तुलना

साधारण ब्याज
चक्रवृद्धि ब्याज
चक्रवृद्धि में ज्यादा

हिसाब की पर्ची

अवधि-दर-अवधि ब्याज
मूलधन, दर और समय भरें, हिसाब अपने आप बन जाएगा।
कुल ब्याज
कुल रकम

जिसने भी कभी उधार दिया या लिया है, उसे ब्याज के हिसाब में उलझना पड़ा है। दर सैकड़े में बोली जाती है, समय महीनों में गिना जाता है और बैंक सालाना प्रतिशत की बात करता है। तीनों को एक पैमाने पर लाए बिना जवाब गलत ही निकलता है। ऊपर का कैलकुलेटर यह सारा काम कुछ सेकंड में कर देता है। नीचे के लेख में वही हिसाब सीधी भाषा में समझाया है, ताकि कल आप बिना टूल के भी अपना हिसाब जांच सकें।

Byaj kaise nikale calculator kya hai

ब्याज कैलकुलेटर एक छोटा-सा टूल है। आप इसमें तीन चीजें भरते हैं: कितनी रकम है (मूलधन), उस पर ब्याज कितने प्रतिशत है (दर) और रकम कितने समय के लिए है (समय)। टूल इन्हीं से बता देता है कि कुल ब्याज कितना बना और आखिर में कुल कितनी रकम लौटानी या मिलनी है।

₹मूलधनजो रकम दी या ली %दरसालाना या मासिक समयकितने दिन, माह, साल =ब्याजऔर कुल रकम

ब्याज के तीन हिस्से और उनका नतीजा

हाथ से हिसाब करने में सबसे ज्यादा गलती गुणा-भाग और इकाई मिलाने में होती है। कैलकुलेटर यह गलती रोक देता है। एक और फायदा यह है कि आप साधारण और चक्रवृद्धि का फर्क तुरंत देख लेते हैं।

एक बात साफ रखें। यह टूल अनुमान देता है। बैंक या संस्था अपनी गिनती थोड़ी अलग विधि से कर सकती है, इसलिए पक्का आंकड़ा हमेशा लिखित समझौते या बैंक के स्टेटमेंट से मिलाएं। और यह EMI नहीं बताता, जिसमें किस्त के साथ मूलधन भी घटता है।

Byaj kaise nikale formula

ब्याज के दो ही बड़े फॉर्मूले हैं। एक साधारण ब्याज का, दूसरा चक्रवृद्धि का। बाकी सब इन्हीं के रूप हैं।

साधारण ब्याजSI = P × R × T ÷ 100कुल रकम = P + SIब्याज हमेशा मूल रकम पर ही चक्रवृद्धि ब्याजA = P × (1 + R÷100)^nCI = A − Pब्याज पर भी ब्याज लगता है

P मूलधन, R दर (%), T समय (साल), n कुल अवधियां, A कुल रकम

उदाहरण: ₹50,000, 12% सालाना, 2 साल

साधारण ब्याज50000 × 12 × 2 ÷ 100 = ₹12,000
कुल रकम₹62,000
चक्रवृद्धि (सालाना जुड़ने पर)50000 × 1.12 × 1.12 = ₹62,720

सबसे जरूरी नियम: समय को साल में बदलिए

सालाना दर पर काम कर रहे हैं तो समय भी साल में चाहिए। छोटी अवधि के लिए यह तालिका काम आएगी।

अवधिसाल मेंकैसे
6 महीने0.56 ÷ 12
8 महीने0.6678 ÷ 12
45 दिन0.12345 ÷ 365
90 दिन0.24790 ÷ 365

Byaj kaise nikale calculator online kaise use kare

ऊपर वाला कैलकुलेटर इस्तेमाल करना इतना ही आसान है। मोबाइल पर भी सारे बटन अंगूठे की पहुंच में हैं।

  1. अपना टैब चुनिए। सालाना दर वाला साधारण हिसाब हो तो "साधारण ब्याज", बैंक या निवेश जैसा हो तो "चक्रवृद्धि ब्याज", और "रुपये सैकड़ा" वाला लेन-देन हो तो "मासिक (सैकड़ा)"।
  2. मूलधन भरिए। रकम लिखते ही नीचे हिंदी में शब्दों में दिख जाएगी, जैसे "50 हजार रुपये"। इससे शून्य की गलती तुरंत पकड़ में आती है।
  3. दर भरिए। ऊपर के बटन से लोकप्रिय दरें एक टैप में चुन सकते हैं।
  4. समय भरिए। साल, महीने या दिन, जिसमें आपके पास है। इकाई मिलाने का काम टूल खुद कर लेता है।
  5. नतीजा पढ़िए। कुल ब्याज, कुल रकम और साधारण बनाम चक्रवृद्धि की तुलना दिख जाएगी। "हिसाब की पर्ची" में पूरा गणित और फोन के कैलकुलेटर में दबाने का क्रम भी है। चाहें तो WhatsApp पर भेज दें।
एक छोटी सलाह: नतीजे को हमेशा एक बार दिमाग से परख लीजिए। ₹1 लाख पर 12% का एक साल का ब्याज ₹12,000 होना चाहिए। अगर टूल कुछ और दिखाए, तो दर, समय या इकाई दोबारा देखिए।

Byaj kese nikale calculator in hindi

अंग्रेजी में लिखे फॉर्मूले देखकर कई लोग घबरा जाते हैं, जबकि हर अंग्रेजी शब्द का हिंदी नाम आपको पहले से पता है। यह छोटी सूची साथ रख लीजिए।

Englishहिंदीमतलब
Principal (P)मूलधनशुरुआत में दी या ली गई रकम
Rate (R)ब्याज दर100 रुपये पर ब्याज
Time (T)समय या अवधिरकम कितने दिन, माह, साल रही
Simple Interestसाधारण ब्याजसिर्फ मूलधन पर लगने वाला ब्याज
Compound Interestचक्रवृद्धि ब्याजब्याज पर भी ब्याज
Amount (A)मिश्रधनमूलधन और ब्याज का जोड़
Per annumसालाना, प्रति वर्षदर साल के हिसाब से है
Per centसैकड़ा, प्रतिशतहर 100 पर

मासिक ब्याज कैलकुलेटर से ब्याज कैसे निकाले

गांव, कस्बे और छोटे कारोबार में दर अक्सर "रुपये सैकड़ा" में बोली जाती है। "2 रुपये सैकड़ा" का मतलब है कि हर 100 रुपये पर हर महीने 2 रुपये ब्याज। ऊपर "मासिक (सैकड़ा)" टैब इसी के लिए है।

फॉर्मूला

महीने का ब्याजमूलधन × सैकड़ा ÷ 100
कुल ब्याजमहीने का ब्याज × महीने
सालाना दरसैकड़ा × 12
12%1 सैकड़ा 18%1.5 सैकड़ा 24%2 सैकड़ा 30%2.5 सैकड़ा 36%3 सैकड़ा 60%5 सैकड़ानीचे: महीने की दर। ऊपर: सालाना प्रतिशत।

सैकड़ा को 12 से गुणा कीजिए, सालाना प्रतिशत मिल जाएगा

उदाहरण: ₹20,000, 3 रुपये सैकड़ा, 5 महीने

महीने का ब्याज20000 × 3 ÷ 100 = ₹600
5 महीने का ब्याज600 × 5 = ₹3,000
कुल लौटाना₹23,000
छोटी रकम, बड़ी दर: 3 सैकड़ा सुनने में छोटा लगता है, पर यह 36% सालाना है। जब भी सैकड़े में दर सुनें, मन में 12 से गुणा कर लें।

2.5 ka byaj kaise nikale

"2.5 का ब्याज" का मतलब ज्यादातर जगह 2.5 रुपये सैकड़ा यानी 2.5% प्रति माह होता है। इसकी सालाना दर 2.5 × 12 = 30% बनती है। सूत्र वही है: मूलधन × 2.5 ÷ 100 × महीने।

मूलधन1 महीना6 महीने12 महीने
₹5,000₹125₹750₹1,500
₹10,000₹250₹1,500₹3,000
₹20,000₹500₹3,000₹6,000
₹50,000₹1,250₹7,500₹15,000
₹1,00,000₹2,500₹15,000₹30,000

उदाहरण: ₹40,000, 2.5 रुपये सैकड़ा, 7 महीने

महीने का ब्याज40000 × 2.5 ÷ 100 = ₹1,000
7 महीने का ब्याज1,000 × 7 = ₹7,000
कुल लौटाना₹47,000

रोज का ब्याज देखना हो तो महीने के ब्याज को 30 से बांटिए। ₹10,000 पर 2.5 सैकड़ा का रोज का ब्याज 250 ÷ 30 = ₹8.33 है। अगर ब्याज हर महीने मूलधन में जुड़ता रहे, तो ₹10,000 पर 12 महीने में ब्याज ₹3,449 बैठता है, यानी साधारण से करीब ₹449 ज्यादा।

अगर 2.5% सालाना है तो? बैंक या सरकारी योजना की बात हो तो 2.5 सालाना प्रतिशत भी हो सकता है। तब ₹1,00,000 पर एक साल का ब्याज सिर्फ ₹2,500 होगा। सौदा करने से पहले एक बार पूछ लें कि दर महीने की है या साल की।

1.5 ka byaj kaise nikale

यहां भी वही बात है। 1.5 रुपये सैकड़ा यानी 1.5% प्रति माह, जो सालाना 18% के बराबर है। सूत्र: मूलधन × 1.5 ÷ 100 × महीने।

मूलधन1 महीना6 महीने12 महीने
₹5,000₹75₹450₹900
₹10,000₹150₹900₹1,800
₹20,000₹300₹1,800₹3,600
₹50,000₹750₹4,500₹9,000
₹1,00,000₹1,500₹9,000₹18,000

उदाहरण: ₹75,000, 1.5 रुपये सैकड़ा, 10 महीने

महीने का ब्याज75000 × 1.5 ÷ 100 = ₹1,125
10 महीने का ब्याज1,125 × 10 = ₹11,250
कुल लौटाना₹86,250

रोज का ब्याज: ₹10,000 पर 150 ÷ 30 = ₹5। ब्याज हर महीने जुड़ता रहे तो ₹10,000 पर 12 महीने में ₹1,956 बनता है, साधारण से ₹156 ज्यादा। दर जितनी कम, चक्रवृद्धि का फर्क उतना कम।

चक्रवर्ती ब्याज कैलकुलेटर क्या है?

लोग बोलचाल में इसे चक्रवर्ती ब्याज भी कहते हैं, पर सही शब्द चक्रवृद्धि ब्याज है। इसमें हर अवधि के बाद बना ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगली बार ब्याज इसी बढ़ी रकम पर लगता है। गुल्लक की तरह सोचिए, जिसमें सिक्कों के साथ उन पर बने सिक्के भी जमा होते जाएं।

चक्रवृद्धि कैलकुलेटर यही हिसाब करता है। इसमें एक बात और तय करनी होती है कि ब्याज साल में कितनी बार जुड़ेगा। जितनी बार जुड़ेगा, कुल रकम उतनी थोड़ी बढ़ेगी।

₹1,00,000, 12%, 1 सालब्याजअसली सालाना दर
सालाना जुड़ने पर₹12,00012%
6 माह में₹12,36012.36%
तिमाही₹12,55112.55%
हर महीने₹12,68312.68%

उदाहरण: ₹50,000, 12% सालाना, 3 साल

सूत्र50000 × 1.12 × 1.12 × 1.12
कुल रकम₹70,246
चक्रवृद्धि ब्याज₹20,246

तीन साल में साधारण ब्याज ₹18,000 आता, यानी चक्रवृद्धि में ₹2,246 ज्यादा। ऊपर के कैलकुलेटर में "चक्रवृद्धि ब्याज" टैब खोलकर अपनी अवधि और जुड़ने की बारंबारता बदलकर देखिए।

Simple Interest Aur Compound Interest Mein Antar

आधारसाधारण ब्याजचक्रवृद्धि ब्याज
ब्याज किस परसिर्फ मूलधन परमूलधन और पिछले ब्याज पर
बढ़तहर साल बराबरहर साल पिछले से ज्यादा
सूत्रP × R × T ÷ 100P × (1 + R÷100)^n − P
कहां दिखता हैछोटे निजी कर्ज, कुछ बॉन्डFD, बचत खाता, म्यूचुअल फंड, क्रेडिट कार्ड
कर्ज लेने वाले के लिएसस्ता पड़ता हैलंबी अवधि में महंगा
निवेशक के लिएकम कमाईलंबी अवधि में ज्यादा कमाई

शुरू के एक साल में दोनों का नतीजा बराबर रहता है। असली फर्क समय के साथ खुलता है। ₹1,00,000 पर 12% सालाना की तुलना देखिए।

₹12 हजार₹12 हजार ₹36 हजार₹40 हजार ₹60 हजार₹76 हजार ₹1.2 लाख₹2.1 लाख 1 साल3 साल5 साल10 साल

नीला: साधारण ब्याज, नारंगी-लाल: सालाना चक्रवृद्धि ब्याज। ₹1,00,000, 12%

इसका सीधा मतलब यह है: बचत और निवेश में चक्रवृद्धि आपकी दोस्त है और अवधि जितनी लंबी, उतनी ज्यादा मददगार। कर्ज में वही चक्रवृद्धि भारी पड़ती है। इसलिए समझौते पर दस्तखत से पहले पूछिए कि ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि, और अगर चक्रवृद्धि है तो कितनी बार जुड़ेगा।

Byaj Calculate Karte Samay Hone Wali Common Mistakes

  • सैकड़ा को सालाना मान लेना। 2 रुपये सैकड़ा का मतलब 2% महीना यानी 24% सालाना है। इसे 2% सालाना मान लिया तो ब्याज 12 गुना कम निकलेगा।
  • महीनों को सीधे साल की जगह रखना। सालाना दर पर 8 महीने को 8 नहीं, 8 ÷ 12 = 0.667 साल लेना होता है।
  • दर में 0.12 लिख देना। फॉर्मूले में "÷ 100" पहले से है। 12% के लिए दर 12 ही डालें।
  • पहले महीने का ब्याज काटकर रकम देना। ₹1,00,000 पर 2% के ₹2,000 काटकर हाथ में ₹98,000 आएं, तो ब्याज फिर भी ₹1,00,000 पर चलता है। असली दर 2 ÷ 98 = 2.04% महीना बैठती है।
  • साधारण और चक्रवृद्धि में गड़बड़ करना। यह लिखित में तय होना चाहिए, वरना अवधि बढ़ने पर विवाद बनता है।
  • EMI को ब्याज समझ लेना। कर्ज की किस्त में ब्याज के साथ मूलधन भी चुकता होता है। उसका हिसाब इस फॉर्मूले से नहीं निकलेगा।
कानूनी ध्यान: आयकर की धारा 269SS और 269T के अनुसार ₹20,000 या उससे ज्यादा का कर्ज नकद में लेना या लौटाना मना है। इसका उल्लंघन करने पर रकम के बराबर जुर्माना लग सकता है, इसलिए बैंक ट्रांसफर या अकाउंट पेयी चेक अपनाइए। ब्याज की कमाई टैक्स योग्य आय है और TDS की सीमाएं बदलती रहती हैं, इसलिए ताजा नियम इनकम टैक्स पोर्टल या अपने CA से जांच लें। निजी साहूकारी में ब्याज दर और लाइसेंस के नियम राज्य के अनुसार अलग हैं।

Byaj Kaise Nikale Calculator App Ki Zarurat Hai Ya Online Calculator Kaafi Hai?

ज्यादातर लोगों के लिए online कैलकुलेटर काफी है। App तब काम का है जब आपको रोज का हिसाब रखना हो। फर्क इस तरह समझिए।

बातOnline कैलकुलेटरApp
इंस्टॉलनहीं, सीधे खुलता हैडाउनलोड और स्टोरेज चाहिए
कब बेहतरकभी-कभार का हिसाबकई कर्ज की रिकॉर्डिंग
इंटरनेटचाहिएकुछ ऐप बिना नेट चलते हैं
विज्ञापन और अनुमतियांकमकई ऐप में ज्यादा
सेटअपकोई नहींअक्सर खाता बनाना पड़ता है

सीधी राय यह है कि अगर आप महीने में कुछ बार हिसाब लगाते हैं, तो इसी पेज का कैलकुलेटर या फोन का सामान्य कैलकुलेटर काफी रहेगा। अगर आप कई लोगों को पैसे देते हैं और हर किसी की तारीख, किस्त और बकाया लिखना चाहते हैं, तो Google Sheets या कोई भरोसेमंद खाता-बही ऐप बेहतर रहेगा। कोई भी ऐप इंस्टॉल करने से पहले देख लें कि वह आपके कॉन्टैक्ट और फोटो की अनुमति क्यों मांग रहा है। बैंक की EMI के लिए बैंक का अपना ऐप सबसे भरोसेमंद है।

Faqs

ब्याज कैसे निकालते हैं?

साधारण ब्याज के लिए मूलधन × दर × समय ÷ 100। ₹50,000 पर 12% सालाना, 2 साल: 50000 × 12 × 2 ÷ 100 = ₹12,000।

1 लाख पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज कितना होगा?

महीने का ₹2,000 और साल का ₹24,000 (साधारण ब्याज)। यह 24% सालाना दर है।

2.5 रुपये सैकड़ा का मतलब क्या है?

हर 100 रुपये पर हर महीने 2.5 रुपये ब्याज, यानी 30% सालाना। ₹10,000 पर महीने का ₹250।

1.5 रुपये सैकड़ा का ब्याज कितना होता है?

₹10,000 पर महीने का ₹150 और साल का ₹1,800। सालाना दर 18% है।

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में क्या फर्क है?

साधारण ब्याज सिर्फ मूलधन पर लगता है। चक्रवृद्धि में पिछला ब्याज भी मूलधन में जुड़ता जाता है, इसलिए लंबी अवधि में कुल रकम ज्यादा बनती है।

दिनों का ब्याज कैसे निकालें?

सालाना दर पर: मूलधन × दर ÷ 100 × दिन ÷ 365। सैकड़ा दर पर आम तौर पर: मूलधन × सैकड़ा ÷ 100 × दिन ÷ 30।

Mobile से ब्याज कैसे निकाल सकते हैं?

फोन के कैलकुलेटर में 50000 × 12 ÷ 100 × 2 = दबाइए। या ऊपर के कैलकुलेटर में रकम, दर और समय भरिए, "हिसाब की पर्ची" में दबाने का क्रम भी मिल जाएगा।

क्या यह कैलकुलेटर बैंक के हिसाब से बिल्कुल मेल खाएगा?

अक्सर बहुत करीब रहता है, पर बैंक दिनों की गिनती और जुड़ने की बारंबारता अपने नियम से करते हैं, इसलिए थोड़ा फर्क आ सकता है। पक्के आंकड़े के लिए बैंक का स्टेटमेंट देखें।

यह लेख सामान्य शैक्षिक जानकारी है, कानूनी, कर या निवेश सलाह नहीं। परिणाम अनुमानित हैं। बड़ी रकम या विवाद में अपने CA या वकील से सलाह लें, क्योंकि नियम बदल सकते हैं।
आशिक पठान

आशिक पठान संस्थापक

नमस्ते! मैं आशिक पठान हूँ, कोटा राजस्थान से। 10+ साल का ब्लॉगिंग अनुभव। इस वेबसाइट का मकसद आसान हिंदी में सेकड़ा ब्याज और लोन कैलकुलेटर उपलब्ध कराना है।

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