साधारण ब्याज कैलकुलेटर: ब्याज, मूलधन, दर और समय | Simple Interest Nikalne Ka Aasan Tarika
साधारण ब्याज कैलकुलेटर: ब्याज, मूलधन, दर और समय
जो पता न हो, वही निकाल लीजिए। महीने, दिन या सीधे तारीख से तारीख का हिसाब भी।
आपको क्या निकालना है?
हल (Step by Step)
यही रकम चक्रवृद्धि (सालाना) होती तो?
अपने फोन के कैलकुलेटर में कैसे दबाएँ
समय के साथ ब्याज कैसे बढ़ता है
किसी से ₹50,000 उधार लिए और उसने कहा, "10 परसेंट लगेगा"। अब सवाल सीधा है: साल भर बाद कितने लौटाने हैं? ज्यादातर लोग यहीं अटक जाते हैं। वजह हिसाब की कमी नहीं होती। वजह यह होती है कि किसी ने पूछा ही नहीं कि 10 परसेंट साल का है या महीने का। यही एक छोटी-सी चूक हजारों रुपये का फर्क कर देती है।
इस पेज पर आपको साधारण ब्याज का फॉर्मूला (Sadharan Byaj Ka Formula) और ऊपर वाला simple interest calculator दोनों मिलेंगे। कैलकुलेटर सिर्फ ब्याज नहीं निकालता। मूलधन, दर या समय में से जो भी पता न हो, वह भी निकाल देता है। अगर आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो नीचे शॉर्ट ट्रिक और हल के साथ 26 अभ्यास प्रश्न भी हैं। लेख एक बार पढ़ लीजिए, फिर कभी भी बिना किसी टूल के अपना हिसाब जांच सकेंगे।
साधारण ब्याज क्या है? (Sadharan Byaj Kya Hai)
साधारण ब्याज वह ब्याज है जो पूरे समय सिर्फ मूलधन पर लगता रहता है। बीच में जो ब्याज बन चुका है, उस पर नया ब्याज नहीं लगता। इसीलिए अंग्रेज़ी में इसे Simple Interest कहते हैं।
एक आसान तस्वीर लीजिए। आपने ₹10,000 किसी को 10% सालाना पर दिए। पहले साल का ब्याज ₹1,000 बना। दूसरे साल भी ₹1,000 ही बनेगा। दसवें साल में भी ₹1,000 ही। ब्याज की रकम हर साल एक जैसी रहती है, इसलिए इसका हिसाब सबसे सीधा है।
साधारण ब्याज = (मूलधन × दर × समय) ÷ 100
दर सालाना % में और समय साल में। कुल रकम (मिश्रधन) = मूलधन + ब्याज।
साधारण ब्याज का सूत्र (Simple Interest Formula in Hindi)
साधारण ब्याज का सूत्र: तीनों को गुणा कीजिए, 100 से भाग दीजिए
परीक्षा में पूछा जाए या दुकान पर हिसाब करना हो, साधारण ब्याज निकालने का सूत्र एक ही है। पर असल ज़िंदगी में कभी ब्याज पता करना होता है, कभी मूलधन, कभी दर, तो कभी यह कि पैसा कितने समय में इतना हो जाएगा। इसलिए पाँचों रूप एक जगह रख रहा हूँ:
| क्या निकालना है | सूत्र |
|---|---|
| साधारण ब्याज (I) | (P × R × T) ÷ 100 |
| मिश्रधन (A) | P + I |
| मूलधन (P) | (I × 100) ÷ (R × T) |
| दर (R) | (I × 100) ÷ (P × T) |
| समय (T) | (I × 100) ÷ (P × R) |
इनमें से कोई भी सूत्र रटना नहीं पड़ता। पहले वाला याद रखिए, बाकी चारों उसी को उलटकर बन जाते हैं। ऊपर के कैलकुलेटर में भी ये चारों टैब इसी वजह से हैं।
सूत्र में P, R, T और A का मतलब
- मूलधन (P, Principal): वह असली रकम जो दी या ली गई। पूरे समय ब्याज इसी पर लगता है।
- दर (R, Rate): ब्याज का प्रतिशत। सूत्र में यह सालाना ही लेते हैं।
- समय (T, Time): पैसा कितने समय के लिए रहा। सूत्र में इसे साल में बदलकर डालते हैं।
- ब्याज (I, Interest): मूलधन पर बना किराया, यानी जो अलग से देना या मिलना है।
- मिश्रधन (A, Amount): मूलधन और ब्याज दोनों मिलाकर कुल रकम।
महीने और दिन को साल में कैसे बदलें
सूत्र में समय हमेशा साल में चाहिए, पर उधार अक्सर महीनों या दिनों के होते हैं। बदलने का तरीका दो लाइन का है: महीने ÷ 12 और दिन ÷ 365।
| महीने | साल (T) | दिन | साल (T) |
|---|---|---|---|
| 3 महीने | 0.25 | 30 दिन | 0.0822 |
| 6 महीने | 0.5 | 45 दिन | 0.1233 |
| 8 महीने | 0.6667 | 90 दिन | 0.2466 |
| 9 महीने | 0.75 | 180 दिन | 0.4932 |
| 18 महीने | 1.5 | 365 दिन | 1 |
इससे भी आसान रास्ता यह है कि सीधे दो तैयार सूत्र काम में लें:
साधारण ब्याज कैसे निकालें: 6 कदम में
- मूलधन (P) लिखिए, यानी जितनी रकम है।
- सालाना दर (R) लिखिए। दर मासिक बताई गई हो तो 12 से गुणा करके सालाना बना लीजिए।
- समय (T) को साल में बदलिए: महीने ÷ 12, दिन ÷ 365।
- तीनों को गुणा कीजिए: P × R × T।
- गुणनफल को 100 से भाग दीजिए। यही साधारण ब्याज है।
- मूलधन जोड़ दीजिए, तो मिश्रधन मिल गया।
अब एक ही रकम पर तीन अलग समय देखिए, ताकि बदलाव साफ दिखे। मूलधन ₹50,000 और दर 10% सालाना:
50,000 पर 10% सालाना, 2 साल
50,000 पर 10% सालाना, 8 महीने
50,000 पर 10% सालाना, 45 दिन
साधारण ब्याज के उदाहरण: मिश्रधन, मूलधन, दर और समय
अब वे हिसाब, जो रोज़ की ज़िंदगी में सामने आते हैं।
दुकानदार से ₹15,000, 10% सालाना, 8 महीने
₹2,00,000 का छोटा लोन, 8% सालाना, 90 दिन
मिश्रधन: ₹1,20,000, 9% सालाना, 2.5 साल
मूलधन निकालना: ब्याज ₹7,200, दर 12%, समय 3 साल
दर निकालना: मूलधन ₹25,000, ब्याज ₹4,500, समय 3 साल
समय निकालना: मूलधन ₹40,000, ब्याज ₹6,000, दर 7.5%
छात्रों के लिए साधारण ब्याज की 10 शॉर्ट ट्रिक
SSC, रेलवे, बैंक, पुलिस और राज्य की भर्ती परीक्षाओं में अंकगणित का यह टॉपिक लगभग हर बार आता है। सूत्र में पूरा गुणा-भाग करने में समय लगता है, इसलिए ये ट्रिक काम की हैं:
| क्रम | कब लगाएँ | ट्रिक |
|---|---|---|
| 1 | ब्याज निकालना हो | मूलधन का 1% निकालिए, फिर R × T से गुणा कर दीजिए |
| 2 | मिश्रधन निकालना हो | गुणक = 1 + (R × T ÷ 100)। 4 वर्ष, 10% पर रकम 1.4 गुनी |
| 3 | रकम दोगुनी होने का समय | समय = 100 ÷ R वर्ष |
| 4 | रकम n गुनी होने पर | R × T = (n − 1) × 100 |
| 5 | दो अलग वर्षों के मिश्रधन दिए हों | साल का ब्याज = (A₂ − A₁) ÷ (T₂ − T₁), फिर मूलधन = A₁ − T₁ × साल का ब्याज |
| 6 | एक ही दर पर कई रकमें | ब्याज, रकम × समय (रुपया-वर्ष) के अनुपात में होता है |
| 7 | दोनों भागों का ब्याज बराबर | रकमें दरों के उलटे अनुपात में बाँटिए |
| 8 | दर बदलने पर ब्याज का फर्क | फर्क = मूलधन × दर का अंतर × समय ÷ 100 |
| 9 | दिनों वाले सवाल | 73 दिन = 1/5 वर्ष, 146 दिन = 2/5 वर्ष, 365 दिन = 1 वर्ष |
| 10 | R = T हो तो | R² = 100 × (ब्याज ÷ मूलधन), फिर वर्गमूल |
साधारण ब्याज के 26 प्रश्न: हल और शॉर्ट ट्रिक के साथ
नीचे 26 अभ्यास प्रश्न हैं, जो आसान से कठिन की ओर बढ़ते हैं। हर प्रश्न में चार विकल्प हैं। अपना विकल्प दबाइए, उसी समय सही उत्तर, पूरा हल और शॉर्ट ट्रिक खुल जाएगा। स्कोर ऊपर बनता रहेगा।
बेसिक सवाल: सीधा सूत्र (प्रश्न 1 से 7)
सूत्र लगाना सीखने के सवाल। इकाई (महीना, दिन, सैकड़ा) पर खास ध्यान दीजिए।
₹8,000 पर 7.5% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से 4 वर्ष का ब्याज कितना होगा?
दिया है: P = 8000, R = 7.5%, T = 4 वर्ष
SI = (P × R × T) ÷ 100
= (8000 × 7.5 × 4) ÷ 100 = ₹2,400
₹12,500 पर 6% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से 3 वर्ष बाद मिश्रधन (कुल रकम) क्या होगा?
दिया है: P = 12500, R = 6%, T = 3 वर्ष
SI = (12500 × 6 × 3) ÷ 100 = ₹2,250
मिश्रधन = मूलधन + ब्याज = 12,500 + 2,250 = ₹14,750
₹36,000 पर 10% वार्षिक की दर से 9 महीने का साधारण ब्याज ज्ञात कीजिए।
दिया है: P = 36000, R = 10%, T = 9 महीने = 9/12 = 3/4 वर्ष
SI = (36000 × 10 × 3/4) ÷ 100
= ₹2,700
₹54,750 पर 8% वार्षिक की दर से 73 दिन का साधारण ब्याज क्या होगा? (1 वर्ष = 365 दिन)
दिया है: P = 54750, R = 8%, T = 73/365 वर्ष
73 ÷ 365 = 1/5, इसलिए T = 1/5 वर्ष
SI = (54750 × 8 × 1/5) ÷ 100 = ₹876
₹40,000 पर 2% प्रति माह की दर से 8 महीने का साधारण ब्याज कितना होगा?
दिया है: P = 40000, दर = 2% प्रति माह, T = 8 महीने
एक महीने का ब्याज = 40000 × 2 ÷ 100 = ₹800
8 महीने का ब्याज = 800 × 8 = ₹6,400
₹48,000 पर 2.5 रुपये सैकड़ा प्रति माह की दर से 6 महीने का साधारण ब्याज ज्ञात कीजिए।
दिया है: P = 48000, दर = 2.5% प्रति माह, T = 6 महीने
महीने का ब्याज = 48000 × 2.5 ÷ 100 = ₹1,200
6 महीने का ब्याज = 1200 × 6 = ₹7,200
₹15,000 पर पहले 2 वर्ष 5% और अगले 3 वर्ष 6% वार्षिक साधारण ब्याज की दर लगी। 5 वर्ष का कुल ब्याज कितना होगा?
पहले 2 वर्ष का ब्याज = 15000 × 5 × 2 ÷ 100 = ₹1,500
अगले 3 वर्ष का ब्याज = 15000 × 6 × 3 ÷ 100 = ₹2,700
कुल ब्याज = 1,500 + 2,700 = ₹4,200
उलटे सवाल: मूलधन, दर, समय ढूँढना (प्रश्न 8 से 13)
इनमें ब्याज दिया होता है और कोई एक चीज़ पूछी जाती है।
₹5,000 पर 4 वर्ष में ₹1,200 साधारण ब्याज मिला। सालाना ब्याज दर क्या थी?
दिया है: P = 5000, I = 1200, T = 4 वर्ष
R = (I × 100) ÷ (P × T)
= (1200 × 100) ÷ (5000 × 4) = 120000 ÷ 20000 = 6%
₹4,000 पर 5% वार्षिक की दर से ₹1,000 साधारण ब्याज बनने में कितना समय लगेगा?
दिया है: P = 4000, R = 5%, I = 1000
T = (I × 100) ÷ (P × R)
= (1000 × 100) ÷ (4000 × 5) = 100000 ÷ 20000 = 5 वर्ष
किसी रकम पर 9% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से 2.5 वर्ष में ₹1,350 ब्याज बना। मूलधन कितना था?
दिया है: I = 1350, R = 9%, T = 2.5 वर्ष
P = (I × 100) ÷ (R × T)
= (1350 × 100) ÷ (9 × 2.5) = 135000 ÷ 22.5 = ₹6,000
₹7,500 पर 8% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से ₹300 ब्याज कितने महीनों में बनेगा?
दिया है: P = 7500, R = 8%, I = 300
T = (300 × 100) ÷ (7500 × 8) = 30000 ÷ 60000 = 0.5 वर्ष
0.5 वर्ष = 0.5 × 12 = 6 महीने
कोई रकम 10% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से 4 वर्ष में ₹7,700 हो जाती है। वह रकम क्या है?
4 वर्ष का ब्याज = 10 × 4 = मूलधन का 40%
मिश्रधन = मूलधन का 140%
140% = 7700, तो मूलधन = 7700 × 100 ÷ 140 = ₹5,500
साधारण ब्याज की किस दर से कोई रकम 8 वर्ष में दोगुनी हो जाएगी?
रकम दोगुनी होने का मतलब ब्याज = मूलधन (यानी 100%)
R × T = 100 × (ब्याज ÷ मूलधन) = 100
R = 100 ÷ 8 = 12.5%
तारीख, अंतर और जोड़ वाले सवाल (प्रश्न 14 से 19)
परीक्षा में सबसे ज्यादा घुमाकर पूछे जाने वाले पैटर्न।
₹9,125 का 5 मार्च से 5 जून तक 8% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से ब्याज कितना होगा? (1 वर्ष = 365 दिन)
दिन गिनिए: 5 मार्च से 5 अप्रैल = 31 दिन, 5 मई तक 30 दिन, 5 जून तक 31 दिन। कुल = 92 दिन
SI = (9125 × 8 × 92) ÷ (100 × 365)
= ₹184
एक रकम साधारण ब्याज पर 3 वर्ष में ₹1,120 और 5 वर्ष में ₹1,200 हो जाती है। वह रकम कितनी है?
2 वर्ष (3 से 5 वर्ष) में बढ़ोतरी = 1200 − 1120 = ₹80
1 वर्ष का ब्याज = ₹40
3 वर्ष का ब्याज = ₹120
मूलधन = 1120 − 120 = ₹1,000 (दर = 40/1000 × 100 = 4%)
₹800 को 3 वर्ष के लिए और ₹500 को 2 वर्ष के लिए एक ही साधारण ब्याज दर पर दिया गया। कुल ब्याज ₹204 हुआ। दर क्या थी?
(800 × R × 3) ÷ 100 + (500 × R × 2) ÷ 100 = 204
24R + 10R = 204
34R = 204, इसलिए R = 6%
एक रकम 5 वर्ष के लिए 8% पर और उसी रकम को 10% पर देने से ब्याज में ₹500 का अंतर आता है। रकम कितनी है?
दरों का अंतर = 10 − 8 = 2%
5 वर्ष में अंतर = 2 × 5 = 10% of रकम
10% of रकम = 500, तो रकम = ₹5,000
रमेश ने 6% वार्षिक पर ₹20,000 उधार लिए और उसी रकम को 9% वार्षिक पर किसी दूसरे को दे दिया। 3 वर्ष में उसे कितना लाभ होगा?
दोनों दरों का अंतर = 9 − 6 = 3%
एक वर्ष का लाभ = 20000 × 3 ÷ 100 = ₹600
3 वर्ष का लाभ = 600 × 3 = ₹1,800
ब्याज दर 12% से घटकर 9% वार्षिक हो जाने पर साल भर का ब्याज ₹1,500 कम हो गया। मूलधन कितना है?
दर में कमी = 12 − 9 = 3%
मूलधन का 3% = 1500
मूलधन = 1500 × 100 ÷ 3 = ₹50,000
कठिन सवाल: टॉप स्कोर के लिए (प्रश्न 20 से 26)
अनुपात, बराबरी और किस्त वाले सवाल। यहाँ शॉर्ट ट्रिक सबसे ज्यादा काम आती है।
₹6,000 की रकम साधारण ब्याज पर 4 वर्ष में ₹7,200 हो जाती है। उसी दर पर ₹9,500 का 6 वर्ष का साधारण ब्याज कितना होगा?
4 वर्ष का ब्याज = 7200 − 6000 = ₹1,200
R = (1200 × 100) ÷ (6000 × 4) = 5%
SI = (9500 × 5 × 6) ÷ 100 = ₹2,850
साधारण ब्याज पर किसी रकम का ब्याज मूलधन का 16/25 है और दर प्रतिशत तथा वर्षों की संख्या बराबर है। दर क्या है?
मान लीजिए R = T
SI ÷ P = (R × T) ÷ 100 = R² ÷ 100
R² ÷ 100 = 16 ÷ 25 ⇒ R² = 64 ⇒ R = 8%
A के पास ₹5,000 है जिस पर 6% वार्षिक और B के पास ₹4,000 है जिस पर 10% वार्षिक साधारण ब्याज मिलता है। कितने वर्ष बाद दोनों का मिश्रधन बराबर होगा?
A का मिश्रधन = 5000 + (5000 × 6 × t) ÷ 100 = 5000 + 300t
B का मिश्रधन = 4000 + (4000 × 10 × t) ÷ 100 = 4000 + 400t
बराबर करने पर 5000 + 300t = 4000 + 400t ⇒ t = 10 वर्ष
₹9,000 को दो भागों में बाँटकर एक भाग 5% और दूसरा 7% वार्षिक साधारण ब्याज पर लगाया गया। दोनों भागों का साल भर का ब्याज बराबर है। बड़ा भाग कितना है?
ब्याज बराबर हो तो रकमें दरों के उलटे अनुपात में होती हैं
भाग₁ : भाग₂ = 7 : 5 (5% वाला भाग बड़ा होगा)
कुल 12 हिस्से, एक हिस्सा = 9000 ÷ 12 = 750
बड़ा भाग = 7 × 750 = ₹5,250
₹3,300 का कर्ज 3 वर्ष में 10% वार्षिक साधारण ब्याज पर बराबर वार्षिक किस्तों में चुकाना है। हर वर्ष के अंत में एक किस्त दी जाती है। एक किस्त कितनी होगी?
3 वर्ष बाद कुल देनदारी = 3300 × (1 + 3 × 10/100) = 3300 × 1.3 = ₹4,290
किस्त x हो तो: पहली किस्त 2 वर्ष, दूसरी 1 वर्ष ब्याज कमाएगी, तीसरी पर ब्याज नहीं
x × (1 + 0.20) + x × (1 + 0.10) + x = 3.3x
3.3x = 4290 ⇒ x = ₹1,300
कोई रकम साधारण ब्याज पर 15 वर्ष में अपनी 4 गुनी हो जाती है। ब्याज की वार्षिक दर कितनी है?
रकम 4 गुनी हुई तो ब्याज = 3 × मूलधन (यानी 300%)
R × T = 300 ⇒ R × 15 = 300
R = 300 ÷ 15 = 20%
20% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से कोई रकम कितने वर्षों में 8 गुनी हो जाएगी?
8 गुनी होने पर ब्याज = 7 × मूलधन (यानी 700%)
R × T = 700 ⇒ 20 × T = 700
T = 700 ÷ 20 = 35 वर्ष
साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में अंतर
दोनों में असली फर्क एक ही है। साधारण में ब्याज सिर्फ मूलधन पर लगता है। चक्रवृद्धि में हर साल का ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है, और अगले साल ब्याज उस बढ़े हुए पैसे पर बनता है। शुरू के एक-दो साल में दोनों लगभग बराबर दिखते हैं। असली फासला लंबे समय में खुलता है। ₹10,000 पर 10% सालाना की तुलना देखिए:
| समय | साधारण ब्याज | चक्रवृद्धि ब्याज (सालाना) | फर्क |
|---|---|---|---|
| 1 साल | ₹1,000 | ₹1,000 | ₹0 |
| 3 साल | ₹3,000 | ₹3,310 | ₹310 |
| 5 साल | ₹5,000 | ₹6,105 | ₹1,105 |
| 10 साल | ₹10,000 | ₹15,937 | ₹5,937 |
| 20 साल | ₹20,000 | ₹57,275 | ₹37,275 |
₹10,000 पर 10% सालाना: साधारण ब्याज सीधी रेखा में बढ़ता है, चक्रवृद्धि ऊपर की ओर मुड़ता है
इसका सीधा मतलब यह है कि उधार लेने वाले के लिए लंबे समय में साधारण ब्याज सस्ता पड़ता है, और पैसा लगाने वाले के लिए चक्रवृद्धि बेहतर है। पूरा हिसाब चक्रवृद्धि ब्याज का फॉर्मूला वाले पेज पर देख सकते हैं।
साधारण ब्याज और सैकड़ा (रुपये सैकड़ा) ब्याज में फर्क
गाँव-कस्बों में ब्याज अक्सर "2 रुपये सैकड़ा" या "ढाई का ब्याज" जैसे शब्दों में बोला जाता है। इसका मतलब है हर ₹100 पर इतने रुपये हर महीने। यह भी साधारण ब्याज ही है, बस दर सालाना की जगह मासिक बताई गई है। सालाना बनाने के लिए 12 से गुणा कर दीजिए।
| रुपये सैकड़ा (मासिक) | सालाना दर | ₹1,00,000 पर साल का ब्याज |
|---|---|---|
| 1 | 12% | ₹12,000 |
| 1.5 | 18% | ₹18,000 |
| 2 | 24% | ₹24,000 |
| 2.5 | 30% | ₹30,000 |
| 3 | 36% | ₹36,000 |
| 5 | 60% | ₹60,000 |
तालिका देखकर ही समझ आता है कि "सिर्फ 2.5" सुनने में छोटा है, पर सालाना 30% है। ढाई रुपये सैकड़ा का अलग से पूरा हिसाब 2.5 का ब्याज कैलकुलेटर पर मिलेगा।
साधारण ब्याज असल ज़िंदगी में कहाँ लगता है
- निजी उधार: किराना, खेती, शादी-ब्याह या कारोबार के लिए रिश्तेदार, दोस्त या महाजन से लिया पैसा। ज्यादातर यही साधारण ब्याज पर चलता है।
- फ्लैट रेट वाले लोन: कुछ कंज्यूमर और वाहन लोन में दर "फ्लैट" बताई जाती है। इसमें ब्याज पूरे मूलधन और पूरे समय पर एक बार साधारण ब्याज की तरह गिना जाता है।
- FD का payout विकल्प: जहाँ ब्याज हर महीने या तिमाही निकाल लिया जाता है, वहाँ मूलधन जस का तस रहता है और ब्याज साधारण जैसा ही बनता है।
- देरी का ब्याज: किसी अनुबंध में देर से भुगतान पर तय दर से जो ब्याज जुड़ता है, वह भी अक्सर साधारण ब्याज के सूत्र से निकाला जाता है।
फ्लैट रेट का जाल: असली दर कितनी होती है?
यहीं सबसे ज्यादा लोग धोखा खाते हैं। मान लीजिए ₹5,00,000 का लोन 9% फ्लैट रेट पर 3 साल के लिए मिला। साधारण ब्याज निकला (5,00,000 × 9 × 3) ÷ 100 = ₹1,35,000। कुल ₹6,35,000 को 36 किस्तों में बाँटें तो किस्त लगभग ₹17,639 बनती है।
अब ध्यान दीजिए। हर महीने किस्त के साथ आपका बकाया मूलधन घटता जाता है, पर ब्याज फिर भी शुरू के पूरे ₹5,00,000 पर ही लिया जा रहा है। इसलिए यह 9% फ्लैट असल में सालाना लगभग 16% की घटती-बाकी (reducing balance) दर के बराबर बैठता है। लोन चुनते समय हमेशा पूछिए कि दर फ्लैट है या reducing। किस्त का सही हिसाब EMI कैसे निकालें वाले पेज पर है।
उधार देने या लेने से पहले ये 6 बातें तय कर लीजिए
हिसाब का सूत्र सही हो तब भी विवाद इन्हीं बातों पर होते हैं। पैसा देने से पहले ये छह चीज़ें दोनों तरफ से साफ कर लें:
- दर सालाना है या मासिक। यह शब्दों में और अंकों में दोनों जगह लिखें।
- शुरू और खत्म की तारीख। दिनों का हिसाब इन्हीं से बनता है।
- ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि। इससे लंबे उधार में बड़ा फर्क पड़ता है।
- बीच में पैसे लौटाए तो पहले क्या कटेगा। ब्याज कटेगा या मूलधन, यह पहले तय हो।
- देरी पर अलग दंड-ब्याज है या नहीं।
- लिखा-पढ़ी और रसीद। हर लेन-देन का हिसाब कागज़ पर रखें।
साधारण ब्याज निकालते समय की आम गलतियाँ
1. महीनों को साल में न बदलना
6 महीने के लिए T = 6 डाल देना सबसे आम गलती है। सही T = 6 ÷ 12 = 0.5 है। ऐसा करने पर जवाब 12 गुना बड़ा आ जाता है।
2. मासिक दर को सालाना समझ लेना
"2 का ब्याज" का मतलब महीने के 2% से भी हो सकता है और साल के 2% से भी। पूछे बिना हिसाब न लगाइए।
3. 8.5% को 0.085 लिखकर फिर भी 100 से भाग देना
सूत्र में दर प्रतिशत के अंक में ही डालते हैं, यानी 8.5। 100 से भाग सूत्र में पहले से है। दोनों बार भाग देने पर जवाब सौ गुना छोटा आ जाएगा।
4. तारीखें गिनने में एक दिन ज्यादा जोड़ देना
शुरू और खत्म दोनों तारीखें जोड़ देने पर एक दिन का ब्याज ज्यादा लग जाता है। 1 तारीख से 31 तारीख तक 30 दिन हैं, 31 नहीं।
5. साधारण और चक्रवृद्धि को मिला देना
अगर पुराना ब्याज मूलधन में जुड़कर अगली बार नया ब्याज बना रहा है, तो वह साधारण ब्याज नहीं है। उस पर यह सूत्र लगाने से जवाब कम आएगा।
6. बीच में गोल कर देना
बीच के कदमों में दशमलव कम करने से आखिरी जवाब बदल जाता है। पूरा हिसाब करके सबसे अंत में ही गोल कीजिए।
साधारण ब्याज के फायदे और सीमाएँ
- हिसाब सीधा है, कागज़ पर भी हो जाता है।
- ब्याज की रकम पहले से तय रहती है।
- छोटे समय के उधार के लिए बिल्कुल ठीक है।
- लंबे निवेश में चक्रवृद्धि से कम कमाई देता है।
- महँगाई के सामने पैसे की कीमत घट सकती है।
- फ्लैट रेट जैसे नामों में असली दर छिप सकती है।
साधारण ब्याज पर आम सवाल (FAQs)
साधारण ब्याज का सूत्र क्या है?
साधारण ब्याज = (मूलधन × दर × समय) ÷ 100। इसमें दर सालाना प्रतिशत में और समय साल में लिया जाता है। मिश्रधन निकालना हो तो इसमें मूलधन जोड़ दीजिए।
साधारण ब्याज कैसे निकालें?
पहले मूलधन, सालाना दर और समय लिखिए। समय महीनों में हो तो 12 से और दिनों में हो तो 365 से भाग देकर साल बनाइए। फिर तीनों को गुणा करके 100 से भाग दे दीजिए। जवाब साधारण ब्याज है।
महीनों का साधारण ब्याज कैसे निकालें?
सीधा सूत्र है (मूलधन × दर × महीने) ÷ 1200। जैसे ₹60,000 पर 12% सालाना, 5 महीने के लिए: (60000 × 12 × 5) ÷ 1200 = ₹3,000।
दिनों का साधारण ब्याज कैसे निकालें?
सूत्र है (मूलधन × दर × दिन) ÷ 36500। जैसे ₹30,000 पर 9% सालाना, 60 दिन के लिए: (30000 × 9 × 60) ÷ 36500 = लगभग ₹444।
₹1 लाख पर 8% सालाना साधारण ब्याज 3 साल में कितना होगा?
(1,00,000 × 8 × 3) ÷ 100 = ₹24,000। मिश्रधन यानी कुल लौटाने वाली रकम ₹1,24,000 होगी।
मिश्रधन क्या होता है?
मिश्रधन वह कुल रकम है जो समय पूरा होने पर देनी या मिलनी होती है। मिश्रधन = मूलधन + ब्याज। अंग्रेज़ी में इसे Amount कहते हैं।
साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में सबसे बड़ा फर्क क्या है?
साधारण ब्याज सिर्फ मूलधन पर लगता है, इसलिए हर साल उतना ही रहता है। चक्रवृद्धि में पुराना ब्याज भी मूलधन में जुड़ जाता है और अगली बार उस पर भी ब्याज लगता है। लंबे समय में चक्रवृद्धि कई गुना ज्यादा बन जाता है।
2 रुपये सैकड़ा का सालाना साधारण ब्याज कितना होगा?
2 रुपये सैकड़ा यानी हर ₹100 पर ₹2 प्रति माह, जो सालाना 24% बनता है। ₹1,00,000 पर एक साल का साधारण ब्याज ₹24,000 होगा।
ब्याज की रकम पता हो तो मूलधन कैसे निकालें?
मूलधन = (ब्याज × 100) ÷ (दर × समय)। जैसे ब्याज ₹7,200, दर 12% और समय 3 साल हो तो मूलधन (7200 × 100) ÷ (12 × 3) = ₹20,000 होगा।
फ्लैट रेट और साधारण ब्याज में क्या संबंध है?
फ्लैट रेट में ब्याज पूरे मूलधन पर पूरे समय के लिए साधारण ब्याज की तरह लगता है, जबकि किस्त हर महीने लौटाई जाती है। इसी वजह से फ्लैट रेट की असली दर घोषित दर से काफी ऊपर बैठती है।
साधारण ब्याज के सवाल जल्दी हल करने की शॉर्ट ट्रिक क्या है?
मूलधन का 1% निकालिए और उसे दर तथा समय से गुणा कर दीजिए। दोगुना होने का समय 100 ÷ दर वर्ष होता है, और n गुना होने के लिए (n − 1) × 100 ÷ दर। दो मिश्रधन दिए हों तो अंतर विधि से सालाना ब्याज निकालिए।
क्या कैलकुलेटर दो तारीखों के बीच का साधारण ब्याज निकाल सकता है?
हाँ। समय वाले खाने में 'तारीख से' चुनिए, शुरू और खत्म की तारीख भरिए। कैलकुलेटर दिन गिनकर 365 से भाग देता है और ब्याज निकाल देता है।
आगे के कैलकुलेटर और गाइड
साधारण ब्याज कोई डरने वाली चीज़ नहीं है। एक सूत्र, तीन संख्याएँ और दर-समय का सही पैमाना। इतना पकड़ लिया तो अगली बार कोई "इतना परसेंट लगेगा" कहे, आप वहीं बैठे-बैठे हिसाब कर लेंगे कि असल में कितना देना या मिलना है।
आशिक पठान संस्थापक
नमस्ते! मैं आशिक पठान हूँ, कोटा राजस्थान से। 10+ साल का ब्लॉगिंग अनुभव। इस वेबसाइट का मकसद आसान हिंदी में सेकड़ा ब्याज और लोन कैलकुलेटर उपलब्ध कराना है।
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