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सेकड़ा कितना होता है? 1, 2, 3, 4, 5, 10 रुपये सेकड़ा = कितने Percent [टेबल 2026]

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सेकड़ा क्या होता है? पूरी जानकारी हिंदी में

आसान भाषा में समझें — बिना किसी उलझन के

परिचय

गाँव हो या शहर, जब भी कोई किसी से उधार पैसा लेता है या देता है, तो अक्सर एक शब्द सुनने को मिलता है — "सेकड़ा"। दुकानदार, साहूकार, छोटे कारोबारी और यहाँ तक कि कुछ फाइनेंस कंपनियाँ भी इस शब्द का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन ज़्यादातर लोगों को यह ठीक से नहीं पता होता कि सेकड़ा असल में है क्या, इसका हिसाब कैसे लगाया जाता है, और यह प्रतिशत यानी परसेंट से किस तरह जुड़ा हुआ है।

इस लेख में हम सेकड़ा को शुरुआत से लेकर आखिर तक, बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे। न कोई मुश्किल शब्द, न कोई घुमा-फिरा कर बात — सीधा, सरल और रोज़मर्रा की भाषा में। अगर आप ब्याज का हिसाब समझना चाहते हैं, किसी से उधार ले रहे हैं, या दे रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही लिखा गया है।

सेकड़ा क्या होता है?

सेकड़ा असल में ब्याज बताने का एक पुराना और देसी तरीका है। इसका मतलब है — "सौ रुपये पर हर महीने कितना ब्याज लगेगा"। यानी अगर कोई कहे कि "2 रुपये सेकड़ा" पर पैसा दिया है, तो इसका सीधा मतलब है कि हर 100 रुपये पर हर महीने 2 रुपये ब्याज लगेगा।

यह तरीका खासकर छोटे कस्बों, गाँवों और असंगठित उधार-लेनदेन (यानी बिना बैंक के आपसी लेनदेन) में बहुत आम है। दुकानदार आपस में उधार देते हैं, किसान बीज-खाद के लिए पैसा उधार लेते हैं, या कोई परिवार अचानक ज़रूरत पड़ने पर पड़ोसी से पैसा लेता है — इन सब जगहों पर ब्याज को प्रतिशत में नहीं बल्कि सेकड़ा में बताया जाता है, क्योंकि यह समझने में आसान और सीधा लगता है।

सेकड़ा शब्द का अर्थ क्या है?

"सेकड़ा" शब्द हिंदी के "सैकड़ा" यानी "सौ" से बना है। जब हम कहते हैं "इतने रुपये सेकड़ा", तो इसका मतलब है "प्रति सौ रुपये पर इतना ब्याज"। यानी सेकड़ा हमेशा 100 रुपये को आधार मानकर बताया जाता है।

उदाहरण के लिए, अगर कोई कहता है "3 रुपये सेकड़ा", तो इसका सीधा मतलब है — हर 100 रुपये पर महीने का 3 रुपये ब्याज। यह जितना दिखने में आसान है, हिसाब लगाने में उतना ही तेज़ भी है, बशर्ते आपको यह पता हो कि इसे प्रतिशत में कैसे बदला जाता है।

सेकड़ा और प्रतिशत में क्या संबंध है?

सेकड़ा और प्रतिशत आपस में सीधे जुड़े हुए हैं। असल में सेकड़ा को महीने का प्रतिशत ही समझा जा सकता है। जो आंकड़ा सेकड़ा में बताया जाता है, वही आंकड़ा महीने की ब्याज दर के प्रतिशत के बराबर होता है।

आसान फॉर्मूला:
सेकड़ा (रुपये में) = मासिक ब्याज दर (% में)
यानी अगर सेकड़ा 2 है, तो मासिक ब्याज दर 2% है।

लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यह प्रतिशत महीने का होता है, साल का नहीं। अगर इसे सालाना प्रतिशत में बदलना है, तो इसे 12 से गुणा करना पड़ता है। यही वह जगह है जहाँ ज़्यादातर लोग गलती कर बैठते हैं — वे महीने के सेकड़ा को सीधे सालाना ब्याज दर समझ लेते हैं, जबकि हकीकत में सालाना ब्याज दर उससे कहीं ज़्यादा होती है।

ब्याज में सेकड़ा का क्या मतलब होता है?

जब उधार के लेनदेन में सेकड़ा की बात होती है, तो इसका सीधा असर ब्याज की रकम पर पड़ता है। सेकड़ा जितना ज़्यादा होगा, ब्याज उतना ही ज़्यादा लगेगा। यह गणना करने के लिए एक सीधा तरीका है:

मासिक ब्याज = (मूलधन ÷ 100) × सेकड़ा

यानी अगर मूलधन (जितना पैसा उधार लिया गया है) 10,000 रुपये है और सेकड़ा 2 रुपये है, तो महीने का ब्याज होगा — (10,000 ÷ 100) × 2 = 200 रुपये प्रति माह।

2 रुपये सेकड़ा क्या होता है?

2 रुपये सेकड़ा का मतलब है कि हर 100 रुपये पर महीने का 2 रुपये ब्याज लगेगा। इसे प्रतिशत में बदलें तो यह 2% प्रति माह हुआ, और सालाना हिसाब से देखें तो यह 24% प्रति वर्ष के बराबर बैठता है (2 × 12 = 24)।

उदाहरण: अगर किसी ने 20,000 रुपये उधार लिए हैं 2 रुपये सेकड़ा पर, तो महीने का ब्याज होगा — (20,000 ÷ 100) × 2 = 400 रुपये प्रति माह।

5 रुपये सेकड़ा क्या होता है?

5 रुपये सेकड़ा का मतलब है हर 100 रुपये पर महीने का 5 रुपये ब्याज। यह 5% प्रति माह के बराबर है, और सालाना देखें तो 60% प्रति वर्ष (5 × 12 = 60) हो जाता है। यह दर काफी ज़्यादा मानी जाती है और आमतौर पर जोखिम भरे या असुरक्षित निजी उधार में देखने को मिलती है।

उदाहरण: अगर किसी ने 15,000 रुपये 5 रुपये सेकड़ा पर उधार लिए, तो महीने का ब्याज बनेगा — (15,000 ÷ 100) × 5 = 750 रुपये प्रति माह।

1 रुपये सेकड़ा का अर्थ क्या है?

1 रुपये सेकड़ा सबसे कम माना जाने वाला देसी ब्याज दर है। इसका मतलब है हर 100 रुपये पर महीने का 1 रुपये ब्याज, यानी 1% प्रति माह और सालाना 12% प्रति वर्ष। यह दर अक्सर जान-पहचान वाले लोगों के बीच या भरोसेमंद रिश्तों में देखने को मिलती है।

उदाहरण: 30,000 रुपये पर 1 रुपये सेकड़ा से महीने का ब्याज होगा — (30,000 ÷ 100) × 1 = 300 रुपये प्रति माह।

10 रुपये सेकड़ा क्या होता है?

10 रुपये सेकड़ा का मतलब है हर 100 रुपये पर महीने का 10 रुपये ब्याज, यानी 10% प्रति माह। सालाना हिसाब से यह 120% प्रति वर्ष के बराबर हो जाता है, जो कि बहुत ऊँची दर मानी जाती है। ऐसी दर पर उधार लेने से पहले बहुत सोच-समझ लेना चाहिए, क्योंकि थोड़े ही समय में ब्याज की रकम मूलधन के बराबर या उससे ज़्यादा हो सकती है।

उदाहरण: 10,000 रुपये पर 10 रुपये सेकड़ा से महीने का ब्याज होगा — (10,000 ÷ 100) × 10 = 1,000 रुपये प्रति माह।

सेकड़ा से ब्याज कैसे निकाला जाता है?

सेकड़ा से ब्याज निकालना बहुत आसान है, बस तीन बातें पता होनी चाहिए — मूलधन (जितना पैसा उधार लिया गया), सेकड़ा (प्रति सौ रुपये पर ब्याज), और कितने महीनों के लिए पैसा उधार लिया गया है।

पूरा फॉर्मूला:
कुल ब्याज = (मूलधन ÷ 100) × सेकड़ा × महीनों की संख्या

उदाहरण के लिए, अगर किसी ने 25,000 रुपये 3 रुपये सेकड़ा पर 6 महीने के लिए उधार लिए, तो कुल ब्याज होगा — (25,000 ÷ 100) × 3 × 6 = 4,500 रुपये।

अगर आप बार-बार यह हिसाब करते हैं और हर बार कैलकुलेटर या कागज़-कलम का झंझट नहीं चाहते, तो Sekda Byaj Calculator का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आप मूलधन, सेकड़ा और महीने डालते ही तुरंत सही ब्याज देख सकते हैं।

सेकड़ा को प्रतिशत में कैसे बदलें?

सेकड़ा को प्रतिशत में बदलना बेहद आसान है — जो सेकड़ा की संख्या है, वही मासिक प्रतिशत भी है। अगर सालाना प्रतिशत चाहिए, तो उसे 12 से गुणा कर दें।

मासिक प्रतिशत = सेकड़ा की संख्या
सालाना प्रतिशत = सेकड़ा की संख्या × 12

जैसे 4 रुपये सेकड़ा = 4% मासिक = 48% सालाना।

प्रतिशत को सेकड़ा में कैसे बदलें?

अगर आपको सालाना ब्याज दर पता है और उसे सेकड़ा में बदलना है, तो पहले उसे महीने के प्रतिशत में बदलना होगा (12 से भाग देकर), फिर वही संख्या सेकड़ा होगी।

सेकड़ा = सालाना प्रतिशत ÷ 12

उदाहरण: अगर सालाना ब्याज दर 18% है, तो सेकड़ा होगा — 18 ÷ 12 = 1.5 रुपये सेकड़ा।

सेकड़ा का उपयोग कहाँ-कहाँ किया जाता है?

सेकड़ा का इस्तेमाल मुख्य रूप से असंगठित यानी बिना बैंक वाले लेनदेन में होता है। इनमें शामिल हैं:

• गाँव और कस्बों में आपसी उधार का लेनदेन
• छोटे दुकानदारों के बीच माल उधार पर देना
• किसानों को बीज, खाद या खेती के लिए दिया जाने वाला निजी कर्ज़
• स्थानीय साहूकारों और निजी कर्ज़ देने वालों का कारोबार
• परिवार या रिश्तेदारों के बीच अचानक ज़रूरत पर लिया-दिया गया पैसा

बैंक और बड़ी वित्तीय संस्थाएँ आमतौर पर सेकड़ा शब्द का इस्तेमाल नहीं करतीं, वे सीधे सालाना प्रतिशत (जैसे 10% प्रति वर्ष) में ब्याज दर बताती हैं।

बैंक और फाइनेंस कंपनियों में सेकड़ा कैसे समझा जाता है?

बैंक और NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियाँ) अपनी ब्याज दरें सीधे सालाना प्रतिशत में बताती हैं, जैसे "12% प्रति वर्ष" या "1% प्रति माह"। जब कोई ग्राहक इन्हें सेकड़ा में समझना चाहता है, तो बस सालाना दर को 12 से भाग देना होता है।

उदाहरण के लिए, अगर बैंक 12% सालाना ब्याज ले रहा है, तो यह देसी भाषा में लगभग 1 रुपये सेकड़ा के बराबर है। यही तरीका किसी भी लोन, EMI या फाइनेंस स्कीम की तुलना करने में काम आता है।

क्या सेकड़ा और ब्याज दर एक ही चीज़ हैं?

सेकड़ा और ब्याज दर पूरी तरह एक ही चीज़ नहीं हैं, बल्कि सेकड़ा ब्याज दर बताने का एक खास तरीका है। ब्याज दर एक व्यापक शब्द है जो सालाना, मासिक या किसी भी अवधि में बताई जा सकती है। जबकि सेकड़ा हमेशा महीने के आधार पर और प्रति 100 रुपये पर बताया जाता है। इसलिए यह कहना ज़्यादा सही होगा कि सेकड़ा, ब्याज दर को दिखाने का एक देसी और सरल रूप है।

वास्तविक जीवन के उदाहरण

₹10,000 का उदाहरण

मान लीजिए किसी ने 10,000 रुपये 2 रुपये सेकड़ा पर 4 महीने के लिए उधार लिए। महीने का ब्याज होगा (10,000 ÷ 100) × 2 = 200 रुपये। 4 महीने का कुल ब्याज होगा 200 × 4 = 800 रुपये। यानी 4 महीने बाद कुल 10,800 रुपये चुकाने होंगे।

₹50,000 का उदाहरण

अगर किसी ने 50,000 रुपये 1.5 रुपये सेकड़ा पर 8 महीने के लिए उधार लिए, तो महीने का ब्याज होगा (50,000 ÷ 100) × 1.5 = 750 रुपये। 8 महीने का कुल ब्याज होगा 750 × 8 = 6,000 रुपये। कुल चुकौती राशि होगी 56,000 रुपये।

₹1,00,000 का उदाहरण

अगर किसी ने 1,00,000 रुपये 1 रुपये सेकड़ा पर 12 महीने के लिए उधार लिए, तो महीने का ब्याज होगा (1,00,000 ÷ 100) × 1 = 1,000 रुपये। 12 महीने का कुल ब्याज होगा 1,000 × 12 = 12,000 रुपये। कुल चुकौती राशि होगी 1,12,000 रुपये, जो सालाना 12% ब्याज दर के बराबर है।

सेकड़ा → प्रतिशत तुलना तालिका

सेकड़ा (₹ प्रति 100)मासिक प्रतिशतसालाना प्रतिशत
1 रुपया सेकड़ा1%12%
1.5 रुपया सेकड़ा1.5%18%
2 रुपया सेकड़ा2%24%
3 रुपया सेकड़ा3%36%
5 रुपया सेकड़ा5%60%
10 रुपया सेकड़ा10%120%

इस तालिका से साफ पता चलता है कि जैसे-जैसे सेकड़ा बढ़ता है, सालाना ब्याज दर बहुत तेज़ी से बढ़ती जाती है। इसलिए किसी भी उधार लेनदेन से पहले इस तालिका की मदद से असली सालाना दर ज़रूर देख लेनी चाहिए।

लोगों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

• बहुत से लोग सेकड़ा को सीधे सालाना ब्याज दर समझ लेते हैं, जबकि यह हमेशा मासिक होता है।
• कुछ लोग ब्याज की गणना करते समय महीनों की संख्या को हिसाब में नहीं लेते।
• कई बार लोग यह भूल जाते हैं कि ब्याज मूलधन पर लगता है, कुल बकाया राशि पर नहीं (जब तक चक्रवृद्धि ब्याज न हो)।
• कुछ लोग बिना लिखित हिसाब के मौखिक बातचीत पर भरोसा कर लेते हैं, जिससे बाद में विवाद हो सकता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

किसी भी सेकड़ा आधारित लेनदेन में पैसा उधार लेने या देने से पहले हमेशा सालाना ब्याज दर निकाल कर देख लें, ताकि असली लागत का सही अंदाज़ा हो सके। लिखित रूप में हिसाब रखना, तारीख और रकम नोट करना, और दोनों पक्षों की सहमति से शर्तें तय करना — ये सभी बातें भविष्य में होने वाले विवाद से बचाती हैं। साथ ही, ज़्यादा सेकड़ा दर पर उधार लेने से पहले यह ज़रूर सोचें कि क्या यह रकम तय समय में आराम से चुकाई जा सकती है या नहीं।

सुझाव: अगर आप बार-बार ब्याज का हिसाब लगाते हैं, तो Byaj Calculator, Simple Interest Calculator या Compound Interest Calculator जैसे टूल इस्तेमाल करें, इससे गलती की गुंजाइश नहीं रहती। लोन की तुलना करते समय Interest Rate Calculator और Percentage Calculator भी काफी काम आते हैं। ब्याज का फॉर्मूला अच्छे से समझने के लिए Byaj Ka Formula और Rate Of Interest Kaise Nikale पेज ज़रूर पढ़ें।

Quick Answer: 1 सेकड़ा = हर ₹100 पर ₹1 प्रति माह ब्याज यानी 1% मासिक = 12% सालाना। 2 सेकड़ा = 24% सालाना, 3 सेकड़ा = 36% सालाना। यानी 1 लाख पर 2 सेकड़ा = ₹2,000/माह ब्याज।

सेकड़ा कितना होता है? पूरी टेबल (2026)

सेकड़ामासिक %सालाना %₹1 लाख पर मासिक ब्याज₹1 लाख पर सालाना ब्याज
1 सेकड़ा1%12%₹1,000₹12,000
1.5 सेकड़ा1.5%18%₹1,500₹18,000
2 सेकड़ा2%24%₹2,000₹24,000
2.5 सेकड़ा2.5%30%₹2,500₹30,000
3 सेकड़ा3%36%₹3,000₹36,000
4 सेकड़ा4%48%₹4,000₹48,000
5 सेकड़ा5%60%₹5,000₹60,000
10 सेकड़ा10%120%₹10,000₹1,20,000

1 सेकड़ा कितना होता है?

1 सेकड़ा का मतलब है हर ₹100 पर ₹1 प्रति माह ब्याज। यानी 1 सेकड़ा = 1% मासिक = 12% सालाना। अगर आपने ₹1 लाख दिए हैं 1 सेकड़े पर, तो हर महीने ₹1,000 और साल में ₹12,000 ब्याज बनेगा। ये दर रिश्तेदारों और पुराने जानकारों के बीच आम है।

2 सेकड़ा कितना होता है?

2 सेकड़ा = हर ₹100 पर ₹2 प्रति माह = 2% मासिक = 24% सालाना। ₹1 लाख पर हर महीने ₹2,000 ब्याज। गाँव-देहात और दुकानों के उधार में 2 सेकड़ा सबसे प्रचलित दर मानी जाती है।

3, 4, 5 और 10 सेकड़ा कितना होता है?

3 सेकड़ा = 36% सालाना (₹3,000/माह प्रति लाख)। 4 सेकड़ा = 48% सालाना। 5 सेकड़ा = 60% सालाना (₹5,000/माह) — ये ऊँची दर मानी जाती है। 10 सेकड़ा = 120% सालाना — ये सूदखोरी की श्रेणी में आती है, इससे बचें।

सेकड़ा = कितने percent? आसान नियम

सबसे आसान फॉर्मूला: सेकड़ा × 12 = सालाना percent। यानी 1 सेकड़ा बराबर 12% सालाना, 2 सेकड़ा बराबर 24%, 5 सेकड़ा बराबर 60%। मासिक percent वही है जो सेकड़ा संख्या है (2 सेकड़ा = 2% मासिक)।

अपना exact हिसाब लगाएं

टेबल से अंदाज़ा लगता है, लेकिन अपनी रकम और महीनों का सटीक हिसाब चाहिए तो सेकड़ा ब्याज कैलकुलेटर इस्तेमाल करें — नाम, रकम, दर और अवधि डालो, पूरा ब्रेकडाउन मिलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1 सेकड़ा बराबर कितना होता है?

1 सेकड़ा = 1% मासिक = 12% सालाना। ₹1 लाख पर ₹1,000 प्रति माह ब्याज।

1 rupee sekda kitna percent hota hai?

1 rupee sekda = 1% monthly = 12% yearly interest.

2 सैकड़ा कितना होता है?

2 सैकड़ा = 2% मासिक = 24% सालाना। 1 लाख पर ₹2,000/माह।

4 rupee sekda kitna hota hai?

4 सेकड़ा = 4% मासिक = 48% सालाना। ₹1 लाख पर ₹4,000/माह ब्याज।

10 sekda kitna hota hai?

10 सेकड़ा = 10% मासिक = 120% सालाना — बहुत ऊँची दर, इससे बचना चाहिए।

ये भी पढ़ें: 1 लाख का 2 रुपये सेकड़ा ब्याज कितना? | सेकड़ा ब्याज का फॉर्मूला

निष्कर्ष

सेकड़ा दरअसल ब्याज को समझने और समझाने का एक पुराना, आसान और देसी तरीका है। एक बार यह समझ आ जाए कि सेकड़ा हमेशा मासिक होता है और उसे प्रतिशत में बदलने के लिए बस 12 से गुणा या भाग करना होता है, तो कोई भी व्यक्ति चाहे गाँव में हो या शहर में, आसानी से अपने उधार-लेनदेन का सही हिसाब लगा सकता है। किसी भी पैसे के लेनदेन में जल्दबाज़ी करने के बजाय पहले पूरा हिसाब समझ लेना ही समझदारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. सेकड़ा क्या होता है?

सेकड़ा हर 100 रुपये पर महीने में लगने वाले ब्याज को कहते हैं।

2. सेकड़ा का मतलब क्या होता है?

इसका मतलब है प्रति सौ रुपये पर मासिक ब्याज दर।

3. सेकड़ा किसे कहते हैं?

ब्याज को प्रति 100 रुपये के हिसाब से बताने के तरीके को सेकड़ा कहते हैं।

4. सेकड़ा का अर्थ क्या है?

सेकड़ा का अर्थ है सौ रुपये पर हर महीने लगने वाला ब्याज।

5. सेकड़ा कैसे समझें?

जो अंक सेकड़ा में बताया जाए, वही मासिक प्रतिशत ब्याज दर होती है।

6. सेकड़ा का उपयोग कहाँ होता है?

यह मुख्य रूप से गाँव, कस्बों और निजी उधार लेनदेन में इस्तेमाल होता है।

7. ब्याज में सेकड़ा क्या होता है?

ब्याज में सेकड़ा प्रति 100 रुपये पर महीने की ब्याज दर बताता है।

8. 2 रुपये सेकड़ा क्या होता है?

इसका मतलब है 2% मासिक ब्याज, यानी 24% सालाना।

9. 5 रुपये सेकड़ा क्या होता है?

इसका मतलब है 5% मासिक ब्याज, यानी 60% सालाना।

10. सेकड़ा और प्रतिशत में क्या अंतर है?

सेकड़ा हमेशा मासिक होता है, जबकि प्रतिशत किसी भी अवधि (मासिक या सालाना) में बताया जा सकता है।

11. 1 रुपये सेकड़ा सालाना कितना ब्याज होता है?

1 रुपये सेकड़ा सालाना 12% ब्याज के बराबर होता है।

12. 10 रुपये सेकड़ा कितना ज़्यादा है?

यह 120% सालाना ब्याज के बराबर है, जो बहुत ऊँची दर मानी जाती है।

13. सेकड़ा से ब्याज कैसे निकालें?

फॉर्मूला है: (मूलधन ÷ 100) × सेकड़ा × महीने।

14. क्या बैंक सेकड़ा में ब्याज बताते हैं?

नहीं, बैंक आमतौर पर सीधे सालाना प्रतिशत में ब्याज दर बताते हैं।

15. सेकड़ा को प्रतिशत में कैसे बदलें?

सेकड़ा की संख्या ही मासिक प्रतिशत होती है, सालाना के लिए 12 से गुणा करें।

16. सालाना ब्याज दर को सेकड़ा में कैसे बदलें?

सालाना प्रतिशत को 12 से भाग देने पर सेकड़ा मिल जाता है।

17. क्या सेकड़ा और ब्याज दर एक ही चीज़ हैं?

नहीं, सेकड़ा ब्याज दर बताने का एक खास मासिक तरीका है।

18. सेकड़ा में ब्याज साधारण होता है या चक्रवृद्धि?

सामान्यतः सेकड़ा आधारित लेनदेन में साधारण ब्याज का हिसाब लगाया जाता है।

19. सेकड़ा किन जगहों पर सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है?

यह मुख्यतः किसानों, दुकानदारों और निजी उधार देने वालों के बीच इस्तेमाल होता है।

20. सेकड़ा दर तय करते समय क्या ध्यान रखें?

सालाना दर निकालकर देखें, लिखित हिसाब रखें और चुकाने की क्षमता का आकलन करें।

21. क्या सेकड़ा हर जगह एक जैसा होता है?

नहीं, यह क्षेत्र, व्यक्ति और आपसी सहमति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

22. सेकड़ा से जुड़ी सबसे बड़ी गलती क्या है?

इसे सालाना दर समझ लेना, जबकि यह हमेशा मासिक होता है।

आशिक पठान
फाउंडर, Sekda Byaj Calculator

मेरा नाम आशिक पठान है और मैं इस वेबसाइट का फाउंडर हूं। मेरा मुख्य उद्देश्य रीडर की सहायता करना है।