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Partial Payment Calculator - आंशिक भुगतान ब्याज कैलकुलेटर - किस्तों में चुकाए कर्ज़ का हिसाब

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आंशिक भुगतान ब्याज कैलकुलेटर

आंशिक भुगतान ब्याज कैलकुलेटर

जब कर्ज़ किस्तों में चुके, तो बकाया ब्याज का सही हिसाब

मुफ़्त तुरंत रिज़ल्ट डेटा सेव नहीं होता

कर्ज़ का ब्यौरा

आंशिक भुगतान (जितने भी किए गए हों)

ℹ️ हर भुगतान पहले उस तारीख तक के बकाया ब्याज में समायोजित होता है, बाकी बचा हुआ हिस्सा मूलधन में घटता है — यही आम तरीका है निजी उधार के हिसाब में।

हिसाब किस तारीख तक करें

आज की तारीख डिफ़ॉल्ट है, चाहें तो बदल सकते हैं
यह कैलकुलेटर कैसे काम करता है?

जब भी कोई भुगतान होता है, सबसे पहले पिछली तारीख से उस भुगतान की तारीख तक के दिनों का ब्याज निकाला जाता है (मौजूदा बकाया मूलधन पर)। भुगतान की राशि पहले उस ब्याज को चुकाती है, और जो बचता है वह मूलधन घटाता है। अगर भुगतान ब्याज से भी कम है, तो मूलधन जस का तस रहता है और बचा हुआ ब्याज आगे जुड़ जाता है।

ब्याज (हर अवधि) = बकाया मूलधन × सेकड़ा दर × दिन ÷ 100

यह जानकारी शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं। बड़ा लेन-देन करने से पहले विश्वसनीय स्रोत से सलाह अवश्य लें।

सामान्य ब्याज (Simple Interest) फ़ॉर्मूले पर आधारित — अगस्त 2026 तक अपडेटेड

आज बकाया कुल राशि (मूलधन + ब्याज)
Rs. 0
बकाया मूलधन
Rs. 0
बकाया ब्याज
Rs. 0
अब तक चुकाया ब्याज
Rs. 0
अब तक चुकाया मूलधन
Rs. 0
तारीखदिनब्याजभुगतानशेष मूलधन

आंशिक भुगतान ब्याज कैलकुलेटर उन कर्ज़ों का सही हिसाब निकालता है जिनमें पैसा एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग तारीखों पर टुकड़ों में चुकाया गया हो। हर भुगतान की तारीख और राशि डालें — यह टूल हर बार का ब्याज निकालकर, पहले ब्याज और फिर मूलधन में समायोजित करके आपको बताता है कि आज की तारीख में असल में कितना बकाया है।

यह समस्या क्यों होती है

निजी उधार में बहुत कम लोग एक साथ पूरा पैसा चुकाते हैं — ज़्यादातर मामलों में उधार लेने वाला जब-जब पैसे का इंतज़ाम होता है, थोड़ा-थोड़ा वापस करता रहता है। समस्या यह है कि हर भुगतान के बाद बकाया मूलधन बदल जाता है, और अगले भुगतान तक का ब्याज उसी नए (घटे हुए) मूलधन पर निकलना चाहिए — हाथ से यह हिसाब रखना मुश्किल और ग़लतियों से भरा होता है।

टूल का इस्तेमाल कैसे करें

  • मूलधन, ऋण की तारीख और ब्याज दर भरें — जैसा शुरुआत में तय हुआ था।
  • हर भुगतान की तारीख और राशि जोड़ें — "+ भुगतान जोड़ें" दबाकर जितने चाहें उतने भुगतान जोड़ सकते हैं।
  • अंतिम तारीख डालें — आज तक का हिसाब चाहिए तो कुछ बदलने की ज़रूरत नहीं, यह अपने-आप आज की तारीख से भरा रहेगा।
  • "बकाया ब्याज निकालें" दबाते ही एक पूरी ledger (हिसाब-किताब) टेबल दिखेगी — हर भुगतान पर कितने दिन का ब्याज लगा, कितना ब्याज में गया, कितना मूलधन में।

भुगतान पहले ब्याज में क्यों जाता है

यह हिसाब-किताब की एक सामान्य और मान्य परंपरा है — जब भी कोई भुगतान आता है, वह पहले उस तारीख तक के बकाया ब्याज को चुकाता है, और जो बचता है वही मूलधन घटाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ब्याज कभी अनदेखा न रह जाए और मूलधन तभी घटे जब ब्याज पूरी तरह चुक चुका हो।

अगर किसी महीने का भुगतान उस अवधि के ब्याज से भी कम हो, तो मूलधन जस का तस रहता है और बचा हुआ ब्याज आगे जुड़ता रहता है — यह टूल इसे अपने-आप संभाल लेता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आंशिक भुगतान के बाद ब्याज कैसे निकाला जाता है?

हर भुगतान की तारीख तक बकाया मूलधन पर ब्याज निकाला जाता है। भुगतान की राशि पहले उस ब्याज को चुकाती है, बचा हुआ हिस्सा मूलधन घटाता है — इसके बाद अगला ब्याज नए (घटे हुए) मूलधन पर निकलता है।

अगर भुगतान उस महीने के ब्याज से कम हो तो क्या होता है?

मूलधन नहीं घटता, पूरी राशि ब्याज में समायोजित हो जाती है, और बचा हुआ ब्याज आगे जुड़ता रहता है जब तक अगला भुगतान उसे पूरा न कर दे।

क्या यह चक्रवृद्धि (compound) ब्याज है?

नहीं, यह सामान्य ब्याज (Simple Interest) पर आधारित है। बकाया ब्याज पर दोबारा ब्याज नहीं लगाया जाता, सिर्फ़ मूलधन पर ब्याज निकलता है।

क्या एक से ज़्यादा भुगतान जोड़े जा सकते हैं?

हां, "+ भुगतान जोड़ें" बटन से जितने चाहें उतने भुगतान (अलग-अलग तारीख और राशि के साथ) जोड़े जा सकते हैं।

यह जानकारी शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं। सामान्य ब्याज (Simple Interest) फ़ॉर्मूले पर आधारित — अगस्त 2026 तक अपडेटेड।

आशिक पठान
फाउंडर, Sekda Byaj Calculator

मेरा नाम आशिक पठान है और मैं इस वेबसाइट का फाउंडर हूं। मेरा मुख्य उद्देश्य रीडर की सहायता करना है।